मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केएन त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने चंदौली और पीडीडीयू नगर स्थित सब्जी मंडी में रविवार को विशेष अभियान चलाया गया। जिसमें आढ़तियों के पास से कुल एक क्वींटल 20 किलो तेजाब युक्त आलू को नष्ट कराया है। विभाग की ओर की कई गई इस कार्रवाई से आढ़तियों में हड़कंप की स्थिति मची हुई है। अधिकारियेां ने इसके बाद आलू को गड्ढा खोदकर आलू को नष्ट कराया। उन्होंने बताया कि यह अभियान लगातार चलाई जाएगी।
आलू को तेजाब से क्यों चमकाते हैं?
हर सब्जी का साथ देने के अलावा व्रत के दौरान भी इसका भरपूर उपयोग किया जाता है। ऐसे में आलू की खपत काफी होती है। ऐसे में मुनाफाखोरो की सक्रियता भी काफी बढ़ जाती है। दरअसल आढ़तियों के यहां पुराने आलू की अधिकता हो गई है। पुराना होने के साथ ही आलू का छिलका मोटा भी हो चुका है।
इसे लोग खाना पसंद नहीं करते है। ऐसे में पुराने आलू को खपाने के लिए कई आढ़ती इसमें तेजाब लगाकर ऊपर से मिट़्टी डालकर उसे नया आलू बना दे रहे है। तेजाब युक्त आलू खाने से लोगों की सेहत खराब हो सकती है। लोगों को पेट सी जुड़ी बीमारियों हो सकती है। सूत्रों की मानें तो बाजार में रंगा हुआ आलू भी मौजूद है। कई व्यापारी पुराने आलू रंग के घोल में डालकर उसपर भी मिट्टी लगा दे रहे है ताकि लोग इसे पहचान नहीं पाए।
बाजार में तेजाब युक्त आलू बिकने की सूचना पर कार्रवाई की गई थी। दो स्थानों पर तेजाब युक्त आलू मिले, जिसे मिट्टी में दबवाकर नष्ट करा दिया गया है। इसके खिलाफ अभियान जारी रहेगा। - कुलदीप सिंह, अभिहीत अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन