पूर्व माध्यमिक विद्यालय कचमन। संवाद
ताराजीवनुपर (चंदाैली)। जिले का खुचमा गांव ऐसा है, जिसकी पहचान सरकारी अभिलेखों में अलग-अलग दर्ज है। सकलडीहा ब्लॉक के राजस्व अभिलेखों में गांव का नाम खुचमा है, जबकि शिक्षा विभाग के रिकार्ड में कचमन तो रेलवे स्टेशन पर कुछमन नाम दर्ज है। गांव के अलग-अलग नाम होने से ग्रामीणों को आधार कार्ड, प्रमाण पत्र बनवाने, सत्यापन कराने और बैंक संबंधी कामकाज के दाैरान परेशान होना पड़ता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि राजस्व अभिलेख समेत शिक्षा, रेलवे और अन्य विभागों के रिकॉर्ड में खुचमा नाम ही दर्ज किया जाए।
जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर और पं. दीनदयाल उपाध्याय रेलवे जंक्शन से लगभग 10 किलोमीटर दूर खुचमा गांव स्थित है। ग्रामीण महेंद्र यादव ने बताया कि गांव का वास्तविक नाम खुचमा है, लेकिन अलग-अलग विभागों में अलग-अलग नाम दर्ज है। सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि खतौनी से लेकर बैंक में किसी काम से जाने पर गांव का नाम रिकॉर्ड से मेल नहीं खाने पर समस्या आती है। खाता खुलवाने से लेकर रुपये निकालने तक बैंक कर्मियों को दस्तावेज दिखाने पड़ते हैं। सुरेंद्र यादव ने बताया कि प्रमाण पत्र में नाम ठीक कराने के लिए सरकारी कार्यालय में जाकर स्पष्टीकरण देना पड़ता है। लक्ष्मण पासवान ने बताया कि प्रशासन को सभी अभिलेखों की जांच कराकर वास्तविक नाम एक समान दर्ज करना चाहिए।
अलग-अलग नाम पर बाहरी लोग होते हैं भ्रमित
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के तीन नाम होने के कारण बाहरी लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। कोई व्यक्ति राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर खुचमा पूछता है तो कहीं उसे कचमन नाम सुनने को मिलता है और रेलवे की ओर से कुछमन नाम प्रचलित है। कई बार बाहर के लोग इसे अलग-अलग गांव समझ लेते हैं। सरकारी दस्तावेजों में गांव का नाम दर्ज कराने और उसके सत्यापन के दौरान संबंधित अभिलेखों से मिलान किया जाता है। ऐसे में अलग-अलग नाम सामने आने पर उन्हें अतिरिक्त स्पष्टीकरण देना पड़ता है।
राजस्व विभाग में खुचमा नाम है, जो सही है बाकि रेलवे और शिक्षा विभाग से बात कर गांव का नाम ठीक कराया जाएगा। ताकि एकरूपता रहे। किसी तरह के भ्रम की स्थिति न बने।
-अभिजीत प्रताप सिंह, तहसीलदार, सकलडीहा।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कचमन। संवाद