अघोरेश्वर भगवान राम के निर्वाण दिवस पर उपदेश देते गुरुपद संभव राम। संवाद
पीडीडीयू नगर। मां सर्वेश्वरी सेवा संघ जलीलपुर गंगा तट पर अघोरेश्वर भगवान राम का महानिर्वाण दिवस शनिवार को धूम धाम से मनाया गया। इस माैके पर अघोरेश्वर गुरुकुल के बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
वहीं भंडारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दाैरान वक्ताओं ने कहा कि शुद्ध चित्त वाले शिष्य को मिलती है गुरू की विरासत। शनिवार की सुबह मां गंगा का पूजन के बाद कलश यात्रा निकाली गई। अघोरान्ना परो मंत्रो नास्ति तत्वं गुरो: परम का जाप करते कलश यात्रा अघोरेश्वर भगवान राम के चरण पादुका तक पहुंच कर समाप्त हुई। यहां अनिल बाबा ने दिग्बंधन किया। इसके बाद हवन और कपाल पूजा की गई। पूजा अर्चना के बाद भंडारे की शुरूआत हुई। इसमें देर शाम तक भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर हुई गोष्ठी में गुरु अनिल बाबा ने कहा कि अघोरेश्वर एक ईश्वरीय गुरू हैं, जो समय–समय पर इस संसार में अवतरित होकर मानवता की सहायता करते रहे हैं। उनका सच्चा शिष्य यह जानता है कि गुरु की कभी मृत्यु नहीं होती हैं। उनकी दिव्य आत्मा सदैव हमारे बीच विद्यमान रहती है और निरंतर हमारे जीवन को प्रेरित करती है। संवाद