सकलडीहा। अंधाधुंध हरी सब्जियों के बाजारी करण व अधिक से अधिक उत्पादन करने के लिए इस समय हरी सब्जियों में आक्सीटोसिन व रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कहीं आपकी सेहत खराब तो नहीं कर रही है। चिकित्सकों की मानें तो अधिक उत्पादन के लिए हरी सब्जियों में रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग पेट के लिए नुकसान दायक साबित हो रहा है।
हरी सब्जियों के अधिक उपज के लिए धड़ल्ले से रासायनिक उर्वरक व कीटनाशक दवाओं का प्रयोग तो हो ही रहा था। लेकिन हरी व ताजी सब्जी के लिए आक्सीटोसिन इंजेक्शन का प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है। इस इंजेक्शन की विशेषता यह है कि 0.5 मिली मात्र दवा के प्रयोग से सब्जी को रात्रि भर में बढ़ा दे रहा है। इसका प्रयोग सब्जी की खेती करने वाले व्यवसायी धड़ल्ले के साथ कर रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर व्यवसायी ने बताया कि इसकी 0.5 मिली की दवा सब्जी के तने में शाम के समय लगा दी जाती है। रात्रि भर में सब्जी का छोटा सा फल पूरी क्षमता के साथ बढ़ जाता है। व्यवसाइयों ने बताया कि बाजारोें में बिकने वाली सबसे सुंदर लौकी, बैगन, खीरा में आक्सीटोसिन इंजेक्शन का प्रयोग धड़ल्ले से किया रहा है। सब्जियों के पौधों के छोटे से फलोें में इंजेक्शन लगाया जाता है और सुबह वह बढ़ कर तैयार हो जाता है। इस संबंध में वाराणसी, दुर्गाकुंड के प्रभारी चिकित्साधीक्षक डा. सुबेदार राम ने बताया कि आक्सीटोसिन का प्रयोग कर पहले गाय, भैंस के दूध निकालने के लिए किया जाता था, जिसे प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के सब्जी व रासायनिक वस्तु निर्मित खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन से किडनी पर प्रभाव पड़ता है।