चकिया। लतीफशाह वन विश्राम गृह में चंदौली, सोनभद्र और मिर्जापुर के पुलिस, पीएसी और सीआरपीएफ के अफसरों की बैठक हुई। जिसमें कांबिंग करने के बाद वापस लौटते समय सुरक्षा बलों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत पर बल दिया गया। छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले के परिप्रेक्ष्य में यह बैठक आयोजित हुई है।
अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल आपरेशन चंदौली आशुतोष शुक्ला के नेतृत्व में हुई बैठक में जेल से छूटे नक्सलियों की विशेष निगाहबीनी करने और नक्सल क्षेत्र में आकर ठहरने वाले नए लोगों की पड़ताल करने पर भी सहमति जताई गई। बैठक में कहा गया कि नक्सल इलाकों में नए लोगों की मौजूदगी इस साइलेंट क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ तथा झारखंड जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। इसलिए ऐसे लोगों की पहचान के लिए खुफिया तंत्र के अलावा हयूमन नेटवर्क तथा मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया जाना चाहिए।
बैठक में कांबिंग, पेट्रोलिंग को तेज करने के साथ ही कांबिंग के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और कांबिंग कर वापस लौट रही फोर्स को और अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इस दौरान कांबिंग के लिए जाने तथा वापसी के रास्तों की अदला-बदली पर भी बल दिया गया। बैठक में अर्ध सैनिक बलों के सिविल एक्शन प्रोग्राम तथा कम्युनिटी पुलिसिंग को और धार देने की जरूरत है। बैठक में अस्सिटेंट कमांडेंट पीएसी मिर्जापुर जनक सिंह, सीओ आपरेशन चंदौली रामकृष्ण मिश्रा, चकिया सीओ राधेश्याम कोल, मम्पनी कमांडर पीएसी श्याम नारायण, अंजनी राय, एस आई अहरौरा, कल्पनाथ यादव चौकी इंचार्ज शेरवा, ब्रहमानंद एसआई राजगढ़, अजय कुमार सीआरपीएफ डिप्टी कमांडेंट चंद्रप्रभा जगदम्बा द्विवेदी, कोतवाल रार्बट्सगंज, चकिया कोतवाल जनार्दन गिरी, नक्सल प्रभारी अक्षय शुक्ला, हरीश मिश्रा एस आई परेहरा सहित तमाम पुलिस पीएसी व सीआरपीएफ के अधिकारी मौजूद थे।