चंदौली। जनपद में धान खरीद की स्थिति काफी खराब है। धान के कुल 48 क्रय केंद्रों में मात्र विपणन की नौ शाखाओं ने ही 53 टन धान की खरीद की है। शेष 39 क्रय केंद्रों पर अभी तक बोहनी भी नहीं हो पाई है। ऐसे में धान खरीद का लक्ष्य पूरा कर पाना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित होने वाली है।
गौरतलब है कि इस वर्ष धान खरीद के लिए 48 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें विपणन के नौ, पीसीएफ के 29, यूपीएसएस के दो, नैफेड के दो, एनसीसीएफ के चार और भारतीय खाद्य निगम के दो क्रय केंद्र शामिल हैं। जिले में 45 हजार मीट्रिक धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन लगभग दो माह का समय बीत जाने के बाद भी अब तक मात्र 53 मीट्रिक टन की खरीद की गई है। इसमें भी विपणन की नौ शाखाओं द्वारा ही खरीदारी की गई है। कोढ़ में खाज यह कि शासन द्वारा धान खरीद के लिए 31 जनवरी तक का समय निर्धारित किया गया है। जबकि विगत वर्ष 28 फरवरी तक धान की खरीद की गई थी। यदि धान खरीद की निर्धारित तिथि को नहीं बढ़ाया गया तो लक्ष्य की पूर्ति कर पाना सरकारी एजेंसियों के लिए संभव नहीं होगा। इस बाबत जिला खाद्य विपणन अधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि धान खरीद की तिथि बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी से माध्यम से शासन को पत्र प्रेषित किया जाएगा। अन्य एजेंसियों को भी निर्देशित कर दिया गया है कि अधिक से अधिक मात्रा में धान की खरीद सुनिश्चित करें। जानकार बताते हैं कि इस बार खरीफ की लेट खेती होने व सरकारी तंत्र द्वारा विधिवत प्रचार प्रसार के अभाव के चलते लक्ष्य पूरा होने में बाधा दिखने लगी है।