चंदौली। जनपद में संचालित चार राजकीय इंटर कालेजों और 24 हाईस्कूलों में शिक्षकों की काफी कमी से लगभग पांच हजार विद्यार्थियों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। इन विद्यालयों में पद की अपेक्षा तीस फीसदी अध्यापक भी नहीं हैं। खासकर सहायक अध्यापकों की कमी के कारण समय से पाठ्यक्रम पूरा कराना भी टेढ़ी खीर है। सभी राजकीय विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 167 पद रिक्त चल रहे हैं।
शिक्षकों की कमी से विद्यालयों में शिक्षा का स्तर दिन पर दिन गिरता जा रहा है। 24 राजकीय हाईस्कूलों की हालत काफी दयनीय है। 18 विद्यालय बगैर प्रधानाध्यापकों के ही संचालित हो रहे हैं। किसी विद्यालय में एक तो कहीं दो अध्यापक नियुक्त हैं। जबकि सभी विद्यालयों में चार से पांच सौ छात्रों का नामांकन है। यही नहीं किसी भी विद्यालय में चपरासी का पद ही नहीं है। जबकि लिपिक के नाम पर तीन नियुक्तियां की गईं हैं। जबकि राजकीय इंटर कालेजों नौगढ़, दिघवट, चकिया और सैयदराजा में भी शिक्षकों की काफी कमी है। जबकि इन विद्यालयों में लगभग साढ़े चार हजार विद्यार्थियों का नामांकना है। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र सिंह का कहना है कि बेसिक शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति से पदों को भरा जाना है। इसके लिए आवेदन मंगाए गए थे। लेकिन 167 की अपेक्षा मात्र 23 ने ही आवेदन किया है। ऐसे में शासन को पत्र भेजा गया है ताकि जिन लोगों ने आवेदन किए हैं उनका साक्षात्कार कराया जा सके। बताया कि नियुक्ति के बाबत समिति भी गठित की गई है जिसके अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी हैं।