चंदौली। रेल फ्रेट कोरिडोर परियोजना के लिए जमीनों के अधिग्रहण मुद्दे् पर क्षेत्र के डिग्घी गांव के पास शुक्रवार को ग्रामीणों के विरोध के चलते पूरे दिन काम ठप रहा। इस बीच सदर एसडीएम के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही। बार बार समझाने के बाद भी ग्रामीण उचित मुआवजे की मांग को लेकर अड़े रहे। वहीं मौके पर पहुंचे पूर्व ब्लाक प्रमुख बाबूलाल यादव ने भी जिला प्रशासन के अधिकारियों पर किसानों से सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।
रेल फ्रेट कोरिडोर परियोजना के लिए क्षेत्र के बनौली खुर्द, डिग्घी, रामपुर, गंजख्वाजा सहित एक दर्जन गांवों में जमीन अधिग्रहण का कार्य चल रहा है। लेकिन किसान उचित मुआवजे के भुगतान को लेकर लामबंद हैं। जिससे रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारियों को रोजाना मशक्कत करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा मुआवजे के भुगतान में भारी अनियमितता बरती गई है। जिससे काश्तकारों में गहरी नाराजगी है। शुक्रवार को जमीन अधिग्रहण के दौरान ग्रामीणों से टकराव होने का प्रशासन को पहले से ही अंदेशा था। इसलिए डिग्घी गांव के पास सदर कोतवाली के अलावा इलिया और अलीनगर थानों से भी पुलिस कर्मियों को तैनात किया था। वहीं पीएसी के अलावा महिला सिपाही भी मौके पर मौजूद थीं। परियोजना से जुड़े लोगों ने विरोध को भांपते हुए काम को बंद रखा। वहीं मौके पर पहुंचे पूर्व ब्लाक प्रमुख बाबूलाल ने भी अधिग्रहीत जमीन की ओर जाना चाहा तो पुलिस ने उन्हें भी रोक लिया। इस दौरान सदर एसडीएम अभिषेक गोयल ने पूर्व प्रमुख का एक घंटे से भी अधिक समय तक मान मनौव्वल किया। लेकिन पूर्व प्रमुख भी किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर अड़े रहे और जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने की भी चेतावनी दी। इस दौरान किसान नेता केदार यादव, बनवारी प्रधान, निरंजन यादव, विक्की प्रधान, संतोष, श्यामसुंदर सोनकर, राजेंद्र पाल आदि मौजूद रहे।