इलिया। भगवान बुद्ध के सिद्धांतों पर चलकर ही देश और दुनियां में शांति हो सकती है। बुद्ध ने मानवता का संदेश दिया है। मानवता को बनाए रखने के लिए बुद्ध के सिद्धांतों को अपनाना होगा। करुणा, दया, सील, विनम्रता का भाव पैदा करना होगा। तभी भारत को विश्व गुरु का दर्जा मिल पाएगा। ये बातें घुरहूपुर में आयोजित बौद्ध महोत्सव में शुक्रवार को मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने कहीं।
उन्होंने कहा कि आज पूरे दुनिया में अशांति फैली हुई है। चारों तरफ आतंकवाद का बोलबाला है। ऐसे समय में बुद्ध के विचारों को अपनाकर ही विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है। श्रीलंका से आए धर्म गुरु भंते अशोक वंश ने कहा कि साधना से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। ज्ञानी संयम रखता है। भगवान बुद्ध ने संसार में दुख को देखकर सुख की चेष्टा छोड़कर साधना का मार्ग अपनाया। अपने साधना के बल पर ज्ञान की प्राप्ति की। कहा कि मनुष्य अगर उनके आष्टांगिक मार्ग को अपना ले, तो समाज में लूट-हत्या का विचार, झूठ, व्यर्थ, कठोर वचन समाप्त हो जाएगा और जीवन शांति मय हो जाएगा। सम्राट अशोक बुद्ध के संदेश को पूरे विश्व में प्रसारित कर महान सम्राट कहलाए। इसके पूर्व लोगों ने भगवान बुद्ध के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बाबू सिंह कुशवाहा, डॉ. गीता शुक्ला, सोहन चौहान, ब्लाक प्रमुख शिवेंद्र सिंह को संस्था की ओर से स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्रम प्रदान किया गया। गांव के ही मोतीलाल राजभर ने संस्था को दो विस्वा भूमि दान में दी। इस अवसर पर शिवशंकर मौर्य, श्रवण कुमार मौर्य, डॉ. सविता मौर्य, रामाशंकर राय, महेंद्र राजभर, मुन्ना राजभर, चंदन राय, ओम प्रकाश रहे। अध्यक्षता रजनीश मोर्या ने और संचालन वशिष्ठ मौर्य ने किया।