चंदौली। दिनों दिन घटती जा रही मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए प्रयासरत किसानों को कृषि विभाग का साथ मिला है। विभाग की ओर से अब तक एक लाख 48 हजार से अधिक किसानों की मिट्टी की जांच कर उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करा दिया गया है। इसमें मिट्टी में पाए जाने वाले 12 तत्वों की रिपोर्ट मौजूद है। इसी के आधार पर किसान जैविक उर्वरकों का प्रयोग कर अपनी बंजर होती जमीन की उत्पादकता बढ़ा सकते हैं।
जनपद में एक लाख 91 हजार 224 पंजीकृत किसान हैं। कृषि विभाग की ओर से दो चरणों में लगभग एक लाख 48 हजार किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण कराया जा चुका है। मिट्टी की जांच से जो नतीजे निकल रहे हैं उनके अनुसार अधिकांश किसानों की मिट्टी में जीवांश कार्बन, जिंक, फास्फेट की कमी देखने को मिल रही है। जानकारी के अभाव में किसान सही मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं जिससे फसल की उत्पादकता प्रभावित हो रही है। सरकार की मंशा के अनुरूप कृषि विभाग शत प्रतिशत किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने की तैयारी कर चुका है। ताकि किसान अपनी मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ा सकें। कृषि उप निदेशक आरके सिंह का कहना है कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए किसानों को जैविक खाद के प्रयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। सरकार स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर ही किसानों को उर्वरक की बिक्री करने की योजना बना रही है।