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प्रदेश सरकार के दूत ने जाना विकास का हाल 21-22-53

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निरीक्षण
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बीएसए को लगाई फटकार
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प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास जना विकास का हाल, अधिकारियों संग की बैठक
चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति पर दिया जोर
बिजली विभाग के एक्सईएन सहित कई अधिकारी राडार पर
अमर उजाला ब्यूरो
सचित्र-
चंदौली। सरकार के दूत के रूप में आए बिजली विभाग के एक्सईएन सहित कई अधिकारी राडार पर
अमर उजाला ब्यूरो
सचित्र-
चंदौली। सरकार के दूत के रूप में आए प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव ने बुधवार को जहां अधिकारियों संग बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की वहीं विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया और मवैया गांव में जनचौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी। बैठक में प्राथमिक विद्यालयों में ड्राप आउट बच्चों की संख्या बढ़ने और स्कूलों में ड्रेस वितरित न होने पर जहां बीएसए को फटकार लगाई वहीं चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति न होने पर बिजली विभाग के एक्सईएन को निशाने पर लिया। निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल में मरीजों से रूबरू होकर स्वास्थ्य सुविधाओं की पड़ताल की।
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास ने दो दिवसीय जनपद प्रवास के पहले दिन अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने बुधवार को जिलाधिकारी हेमंत कुमार से कहा। परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे किसी कारण से स्कूल छोड़ते हैं और वह अपने शिक्षण कार्य से विमुख होते हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उस विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारी की होगी। बैठक में उन्होंने एक-एक अधिकारियों से उनके विभाग के विकास की जानकारी ली । इस दौरान उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी से पूछा कि कक्षा एक से पांच तक के बच्चे ड्राप आउट होते हैं। इसकी संख्या कितनी है। इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र सिंह ने कहा कि कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के ड्राप आउट होने की संख्या 11 प्रतिशत है। इस पर उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों की है। उनके क्षेत्र में बच्चे किस कारण बस ड्राप आउट हो रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि ऐसे खंड शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, क्योकि यह लोग शिक्षा की गुणवत्ता पर कम बल्कि शिक्षकों से किस मद में वसूली होगी इस पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। प्रमुख सचिव ने पूरे सभागार में अधिकारियों के सामने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जमकर लताड़ लागाया। जब उन्होंने बीएसए से पूछा कि किताब बाटे जाने की क्या प्रगति है। इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने गेंद अपने पल्ले में रखने के लिए शासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि शासन से आपूर्ति होने पर बच्चों को किताब दिया जाएगा। अभी नहीं प्राप्त हो सका है। इसके लिए शासन स्तर से टेंडरिंग की व्यवस्था है। इसके बाद प्रमुख सचिव यूनिफार्म के विषय में जानकारी मांगी। जिस पर उन्होने कुछ विद्यालयों में टेंडर के कारण वितरण में देरी होने की बात स्वीकार किये। इसके बाद उन्होने पूछा कि क्या यह भी शासन से होता है। तब तक बेंसिक शिक्षा अधिकारी ने उसका उत्तर भी हां में दे दिया। इतना सुनने के बाद तो वह पूरी तरह से भड़क गये। बैठक में जिले में चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति न होने पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने एक्सईएन को चेताया कि लोकल फाल्ट के नाम पर कटौती करने का बहाना छोड़ दें। अन्य विभागों को भी चेताया कि काम ठीक से न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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इनसेट
जब दंग रहे गये प्रमुख सचिव
चंदौली। प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव उस समय दंग रह गए, जब उन्होंने जिला चिकित्सालय में निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां पर वार्डों में लगें सेंट्रल आक्सीजन सप्लाई सेंटर सिस्टम को देखा। पिछले दिनों यह सिस्टम पूरी तरह से फेल था। जिलाधिकारी भी सिस्टम के फेल होने की रिपोर्ट दे चुके हैं। लेकिन प्रमुख सचिव के सामने यह चल रहा था। इस पर एक बार जिलाधिकारी भी भौंचक रह गये। वहीं इस सिस्टम से आज तक किसी भी मरीज को लाभ नहीं मिला। इसकी जानकारी होने के बाद प्रमुख सचिव ने पांच करोड़ के इस अत्याधुनिक सिस्टम को लगाने का औचित्य पूछा। इस पर अधिकारी बगलें झांकने लगे। यहां तक कि उन्होंने यह भी कह दिया केवल कमीशनबाजी में यह कार्य हुआ है।
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इनसेट-
मवैया गांव में जनचौपाल लगाकर सुनी समस्याएं
बबुरी। चकिया विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मवैया पर देर शाम प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास ने जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। इस दौरान साफ सफाई, पेयजल उपलब्धता आदि की समस्याएं रही। इस पर उन्होंने अधिकारियों को त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया। कहा कि यदि अब शिकायत मिली तो संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने राशन कार्ड, शौचालय, पेंशन आदि के बारे में पूछताछ की। ने बुधवार को जहां अधिकारियों संग बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की वहीं विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया और मवैया गांव में जनचौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी। बैठक में प्राथमिक विद्यालयों में ड्राप आउट बच्चों की संख्या बढ़ने और स्कूलों में ड्रेस वितरित न होने पर जहां बीएसए को फटकार लगाई वहीं चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति न होने पर बिजली विभाग के एक्सईएन को निशाने पर लिया। निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल में मरीजों से रूबरू होकर स्वास्थ्य सुविधाओं की पड़ताल की।
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