मुगलसराय। परिषदीय विद्यालयों में गुरु जी के स्थानांतरण और समायोजन की प्रक्रिया विभागीय लापरवाही के चलते सिस्टम में फंस गई है। शासन के निर्देश पर नई व्यवस्था में सैलरी डाटा, पैन नंबर, आधार नंबर और सर्विस बुक का रेकार्ड आदि भरते हुए इसे एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। अब इसे सिस्टम का खेल मानें या जिम्मेदारों की लापरवाही कि अभी तक वेबसाइट पर ब्योरा अपलोड करने का काम पूरा नहीं हुआ है। ब्योरा कब फीड होगा और स्थानांतरण प्रक्रिया कब शुरू होगी, इसका जवाब जिम्मेदारों के पास नहीं है।
जनपद के नौ विकास खंडों में कुल 470 पूर्व माध्यमिक और 993 प्राथमिक विद्यालयों पर शिक्षण कार्य संपादित कराने के लिए लगभग 5500 शिक्षक तैनात हैं। लेकिन विभागीय अड़चन के चलते अध्यापकों के स्थानांतरण का मामला कई सालों से लटका हुआ है। वहीं विद्यालयों में शिक्षक-शिक्षिकाओं की तैनाती में भी असमानताएं सामने आ रही हैं। जनपद में अध्यापकों के स्थानांतरण और बच्चों की संख्या से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं के समायोजन की प्रक्रिया के लिए शासन स्तर से इसे पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन कर दिया गया है जिसमें आनलाइन आवेदन से लेकर कई विकल्प भरे जाने हैं। सरकार की मंशा तो अच्छी है लेकिन लापरवाह सिस्टम ने इसकी किरकिरी करानी शुरु कर दी है। शासन के निर्देश के बाद अध्यापकों का सैलरी डाटा से लेकर अन्य विवरण एनआइसी की वेबसाइट पर अपलोड करना हैै। वैसे तो 30 जून तक प्रक्रिया को पूरा करना था लेकिन सूचना एकत्रित नहीं हो पाई और न ही ब्योरा फीड किया जा सका हैं। अब खेल व्यवस्था का है या फिर सिस्टम का लेकिन जिन्हें स्थानांतरण की आवश्यकता है वह परेशान हैं और जुगाड़ वाले मौज काट रहे हैं।
शासन के निर्देश पर जनपद में पूर्व माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों पर तैनात शिक्षकों का डाटा एनआईसी की वेबसाइट पर फीड किया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थानांतरण व समायोजन किया जाएगा। शिक्षकों द्वारा समय से डाटा न देने के कारण फीडिंग में देरी हो रही है।% - संतोष कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदौली।