कंदवा। बरहनी विकास खंड क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित विद्यालय नोटिस भेजे जाने के बाद भी धडल्ले से चल रहे हैं। जबकि नोटिस भेजने के समय 3 दिन में विद्यालय बंद करने या 10 हजार रुपये प्रति दिन के हिसाब से जुर्माने की बात कही गई थी। शासन के निर्देश पर बरहनी के 39 विद्यालयों की जांच कर नोटिस जारी कर सारे कागजात मांगे गए थे। नोटिस में लिखा गया था कि तीन दिन में मान्यता और विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की स्थिति स्पष्ट नहीं की तो दस हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना देना होगा।
शासन के निर्देश के क्रम में खंड शिक्षा अधिकारी बरहनी द्वारा 39 विद्यालयों के संचालकों को नोटिस भेजकर तीन दिन में स्कूल बंद कर लिखित जवाब बीआरसी में जमा करने को कहा गया था । ऐसा न करने वाले विद्यालयों के प्रबंधकों को दस हजार रुपये प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना की बात भी कही गई थी लेकिन आज भी बिना मान्यता के वे विद्यालय धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं । बरहनी ब्लाक में बिना मान्यता के चल रहे जिन विद्यालयों को नोटिस जारी की गई थी उनमें केवी कान्वेंट स्कूल अमड़ा , मालवीय कान्वेंट स्कूल सैयदराजा , युवा इंटर कालेज सैयदराजा , आदर्श समता विद्यालय सैयदराजा ,राष्ट्रीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सैयदराजा , गोपाल जी पब्लिक स्कूल पई , गोल्डेन पब्लिक स्कूल तेंदुहान , मालवीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वार्ड नम्बर 13 सैयदराजा ,दारुल उलूम मदरसा वार्ड नंबर 6 सैयदराजा ,लार्ड बुद्धा पब्लिक स्कूल फुटिया , शार्प पब्लिक स्कूल जेठमलपुर, शेषा पब्लिक स्कूल तेंदुहान आदि शामिल हैं । शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से अभिभावक और छात्र उहापोह में हैं। अभिभावकों का कहना है कि अगर बिना मान्यता वाले विद्यालयों को बंद करना है तो शिक्षा विभाग जल्दी करे । लेकिन विभाग के खाओ - कमाओ नीति के चलते ही बिना मान्यता के निजी स्कूल फल फूल रहे हैं। इस संबंध में एबीएसए बरहनी प्रदीप सिंह का कहना है कि बगैर मान्यता के विद्यालयों को किसी भी हालत में नहीं चलने दिया जाएगा। अगर स्कूल चलाना है तो प्रबन्धक मान्यता ले लें।