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किसानों के लिए मुसीबत बन रहे बेसहारा पशु

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चंदौली । बेसहारा पशु अभी भी किसानों के लिए मुसीबत बने हैं। सूचना के बाद भी विभाग पशुओं को पकड़ने में नाकाम साबित हो रहा। महकमा का कहना कि पूरे जिले में एक ही पशु वाहन है। जल्द ही बेसहारा पशुओं को पकड़कर आश्रय स्थलों तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद किसानों को समस्या से निजात मिल जाएगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों की फसल को अपनी खुराक बना रहे बेसहारा पशुओं को दस जनवरी तक ही आश्रय स्थलों में पहुंचाने का निर्देश दिया था। सरकार ने बेजुबानों के पानी चारे के लिए जिला प्रशासन को एक करोड़ का बजट भी दिया। साथ ही आश्रय स्थलों के निर्माण को भी धनराशि दी गई। जिले में 1730 बेसहारा पशु चिह्नित किए गए हैं। पशुपालन विभाग अभी तक महज सात सौ से अधिक पशुओं को ही आश्रय स्थलों तक पहुंचा सका है। गांवों में किसान पशुओं को पकड़कर विभागीय अधिकारियों को सूचित भी कर रहे हैं। लेकिन पशु वाहन की व्यवस्था न होने से उन्हें आश्रय स्थलों तक नहीं पहुंच पा रहे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसपी पांडेय ने कहा कि जिले में एक ही वाहन होने से पशुओं को आश्रय स्थलों तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है। जल्द ही छुट्टे पशुओं को पकड़कर आश्रय स्थलों तक पहुंचा दिया जाएगा। जनपद में बेसहारा पशुओं को रखने को 17 आश्रय स्थलों का निर्माण कराया जा रहा है। गांवों में मनरेगा व नगरों में नपं व पालिका प्रशासन की ओर से आश्रय स्थल बनवाए जा रहे हैं।
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