नौगढ़। जनपद में स्वास्थ्य विभाग अपने कार्यों में कितना गंभीर यह शनिवार को जेडी स्वास्थ्य डा. अंशु के नौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के औचक निरीक्षण के दौरान पता चल गया। जेडी के निरीक्षण में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी पर तैनात चार चिकित्सक और सात अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थिति पंजिका पर हाजिरी लगाने के बाद गायब मिले। जेडी ने प्रभारी चिकित्सक अमित श्रीवास्तव को अनुपस्थित चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिन का वेतन रोकने और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजने का निर्देश दिया।
नौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर शनिवार को दिन में 11 बजे पहुंची जेडी स्वास्थ्य डा. अंशु ने उपस्थिति पंजिका को लेकर वहां तैनात सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को तलब किया। जहां केवल दो चिकित्सक मौजूद रहे। जबकि अधीक्षक डा. अवधेश पटेल, डा. अमरनाथ, डा. अनूप, डा. मृत्युंजय सिंह, डा. गंगाराम भारती, डा. निरंजन गायब मिले। पैथोलाजी लैब के निरीक्षण में लैब टेक्निशियन के स्थान पर सहायक मौजूद रहा। इसके बाद उन्होंने सीएचसी के दूसरे तल पर स्थित स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पर ताला लगा पाया। जिसमें नियुक्त बीपीएम अरविंद यादव, बीएमए अभिमन्यु मौर्य, एमसीडीसी आपरेटर जितेंद्र यादव और जयप्रकाश सिंह को अनुपस्थित करने का निर्देश दिया। फार्मासिस्ट प्रशांत पाल, जितेन्द्र सिंह और वार्ड ब्वाय जितेन्द्र कुमार भी अनुपस्थित मिले। जेडी स्वास्थ्य ने उपस्थिति पंजिका में हाजिरी लगाने और बिना छुट्टी लिए गायब रहने पर चार चिकित्सकों और सात स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखने का निर्देश प्रभारी चिकित्सक अमित श्रीवास्तव को दिया। जेडी द्वारा औचक निरीक्षण से सीएचसी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मचा रहा। इस दौरान वहां मौजूद ग्रामीण कलावती, श्यामसुंदर, समई प्रसाद, विनोद, रमेश, रामा तथा मनोज यादव ने जेडी से अस्पताल में महिला चिकित्सक की तैनाती और चिकित्सकों द्वारा अस्पताल से बाहर की दवा लिखने का शिकायत किया। उन्होंने जल्द महिला चिकित्सक की तैनाती करने का आश्वासन दिया।
जीवन रक्षक दवाओं की कमी पर प्रभारी को चेताया
जेडी ने गांव-गांव के स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण कार्य की हकीकत जानने के लिए चिकित्सक अमित से पूछताछ की। स्कूलों में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान गंभीर रोग से ग्रसित बच्चों को चिह्नित करके उन्हें बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं एंबुलेंस में मेडिकल की सुविधा न होने और अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं का अभाव होने पर प्रभारी चिकित्सक को चेतावनी दी। कहा कि दवाओं का स्टाक पूरा रखें।