चकिया। एक तरफ तो स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। गांवों में शौचालय बनाए जा रहे हैं। दूसरी तरफ शौचालयों का रख रखाव ठीक नहीं है। जिला संयुक्त चिकित्सालय में शौचालय की स्थिति अच्छी नहीं है। यहां दो शौचालय पूरी तरह खराब है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हो रही है।
केंद्र और प्रदेश सरकार स्वच्छता अभियान पर जोर दे रही है। गांवों को खुले में शौचमुक्त घोषित किया जा रहा है। दूसरी तरफ संस्थानों में बने शौचालयों की देख रेख नहीं हो रही है। चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय सौ बेड का है। इसमें भूतल पर अधिकतर मरीज भर्ती होते हैं। मरीजों और तीमारदारों के लिए भूतल पर छह शौचालय बनाए गए हैं। यहां दो शौचालयों की हालत जर्जर है। एक शौचालय बिना दरवाजा है तो दूसरे शौचालय के दरवाजे टूटे हैं। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हो रही है। इस संबंध में जिला चिकित्सालय की प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उषा यादव ने कहा कि इसकी जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी।