इलिया। क्षेत्र के घुरहूपुर स्थित बौद्ध स्थल पर गुरुवार को कई देशों से पधारे बौद्ध अनुयायियों ने पहाड़ियों में स्थित बौद्ध स्थल के मुख्य गेट पर लगी भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित कर पूजन अर्चन किया। इस दौरान बुद्धम शरणम गच्छामि, धम्मम शरणम गच्छामि, संघम शरणम गच्छामि के उद्घोष से पूरा बौद्ध परिसर बुद्धमय हो उठा।
वर्ष 2008 में 4 अक्टूबर को वरिष्ठ पत्रकार सुशील त्रिपाठी द्वारा बौद्ध स्थल की खोज के बाद घुरहूपुर विश्व पटल पर चर्चा में आया। उसके बाद से लगातार विश्व के विभिन्न देशों से बौद्ध अनुयायियों का बौद्ध स्थल पर आने जाने का क्रम बराबर लगा रहता है। इसी क्रम में गुरुवार को श्रीलंका की अशोक वंश, यूरोप के भंते मैलिथनाइथ, मेम्यार के भन्ते बंधार, ताइवान के भन्ते छई छई चे ने यूरोप की साढ़े 4 फीट ऊंचे कद की ब्लैक स्टोन बुद्ध की प्रतिमा को साथ लाकर पहाड़ियों पर स्थित बौद्ध स्थल तक पहुंचने वाले मार्ग के मुख्य गेट पर स्थापित कर मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस दौरान मुख्य गेट से लेकर पहाड़ियों तक पूरे बौद्ध परिसर तक माहौल बुद्ध मय हो उठा। इस अवसर पर वशिष्ठ मौर्य, रजनीश कुशवाहा, रमाशंकर राजभर, भंते चंदन, अदालत राजभर, श्रवण कुमार, महेंद्र राजभर आदि लोग उपस्थित रहे।