चकिया। काशी वन्यजीव प्रभाग में तेंदुए की सुरक्षा के साथ ही तेंदुए के हमले से आम ग्रामीण एवं पशुओं को बचाने के लिए कवायद आरंभ हो गई है। इसके तहत डीएफओ के निर्देश पर प्रभाग के सभी नौ रेंजों में 20 मार्च से 20 अप्रैल तक लेपर्ड सुरक्षा माह के तहत टीमों का गठन किया किया गया है। अभियान में वन कर्मियों के साथ ही ग्रामीणों को भी जोड़े जाने की व्यवस्था की गई है।
इसके तहत तेंदुए को बचाने के साथ ही तेंदुए के हमले के दौरान ग्रामीणों एवं पालतू पशुओं की क्षति को बचाने की कवायद भी सम्मलित है। अभियान के तहत वन विभाग में रेंज स्तरीय क्विक रिस्पांस टीम तथा रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों की कमान रेंज अधिकारियों के हाथ में दी गई है। टीमों में सम्मलित वनकर्मियों एवं ग्रामीणों को प्रशिक्षित करने के लिए कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है। काशी वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार खरे ने बताया कि लेपर्ड सुरक्षा माह को सफल बनाने के लिए रेंज स्तरीय टीमेें ग्रामीण क्षेत्रो में जागरूकता कार्यक्रम कराएंगी। इसके अलावा प्रचार-प्रसार के लिए होडिंग, बैनर, पोस्टर, रेडियो प्रसारण को माध्यम बनाया जाएगा तथा दोनों टीमों को मोबाइल नेटवर्किंग से लैस किया जाएगा।