धानापुर।श्री राम को पाने के लिए अगरबत्ती औऱ मिष्ठान सहित किसी भी व्यर्थ की परंपराओं के पीछे पड़ने कि भूल नहीं करनी चाहिए क्योंकि प्रभु ने स्वयं कहा है कि उन्हें वही पा सकता है जिसका मन निर्मल हो। छल, कपट व दंभ आदि दुर्गुणों के रहते कभी भी मनुष्य का मन निर्मल नहीं हो सकता।
ये बातें खड़ान गांव में चल रहे चार दिवसीय सिद्धपीठ महोत्सव के आखरी दिन शनिवार को मानस कथा के दौरान अनूप महाराज ने कहीं। कहा कि काशी की धरती का अपना एक अलग इतिहास है। यहां बाबा प्रसन्नदास जी महाराज जैसे सिद्ध संतों ने अपने तपोबल से समाज के लोगों का दुख-दर्द मिटाने व उनके कल्याण के लिए ही जन्म लिया। महोत्सव में जिला पंचायत अध्यक्षा सरिता सिंह व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह सहित क्षेत्र औऱ जनपद सहित पड़ोसी जनपद से भी सम्मानित अतिथियों का आगमन हुआ। आयोजक मंडल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। इस मौके पर अंजनी सिंह, अवधेश सिंह, नीलू सिंह, गोपाल सिंह, शिवम सिंह, शिवा, शमशेर सिंह, संजय सिंह, उर्मिला सिंह, निर्मला सिंह, अभीराजी, नीलम सिंह, सीमा पांडेय, मंजू पांडेय, सरिता, विभा, सीमा उपस्थित रहे।