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जिले में 3500 एमटी उर्वरक की जरूरत, किसान परेशान

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चंदौली। धान की रोपाई के बाद अब किसानों को उर्वरक की जरूरत है। बारिश के बाद छिड़काव के लिए किसान समितियों पर यूरिया खाद के लिए भटक रहे हैं मगर पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं होने से किसान निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदने को विवश हैं। जिले में 3500 एमटी खाद की जरूरत है। वहीं कृषि विभाग का दावा है कि समितियों पर खाद उपलब्ध है। जहां कमी है वहां जल्द ही खाद मुहैया करा दी जाएगी।
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कृषि विभाग के अनुुसार सरकारी उर्वरक केंद्रों पर यूरिया व डीएपी का लक्ष्य 14500 एमटी है। जहां इसकी उपलब्धता 11000 एमटी ही है। जनपद में छोटे बड़े एक लाख से अधिक किसानों ने लगभग 116000 हेक्टेयर में खेती की है। वहीं कुल 83 सहकारी समिति के साथ आधा दर्जन से अधिक इफ्को किसान सेवा केन्द्र है। जहां से किसान खेती के सीजन में उर्वरक की खरीदारी करते है। कृषि विभाग का दावा है कि किसान सेवा केन्द्रों पर यूरिया की कमी है और डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। जहां से किसानों को बिना किसी जद्दोजहद के आसानी से उर्वरक मिल रही है। वहीं यूरिया व डीएपी उर्वरक के साथ खरीफ में इस्तेमाल होने वाली दवाएं उपलब्ध हैं। समस्या के समाधान के लिए विभाग के पास कोई अभी तक विकल्प नहीं है। किसान रामकेश सिंह यादव व सियाराम चौहान ने कहा कि समय से उर्वरक उपलब्ध कराने में जिला प्रशासन असफल साबित हो रहा है। यूरिया की आवश्यकता है लेकिन किसानों को डीएपी दी जा रही है।
किसानों को उर्वरक की उपलब्धता समय से करा दी जाएगी। उर्वरक की कोई कमी नहीं होगी। रैक लग गई है जल्द ही जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध हो जाएगी। राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी।
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