ट्रेनों से कछुओं की तस्करी पर रोक नहीं लग सकी है। शुक्रवार को एक बार फिर पीडीडीयू जंक्शन पर लावारिश हाल में 35 कछुए बरामद हुए। कछुओं को चार बैग में भर कर रखा गया था। माना जा रहा है कि कछुओं को तस्करी कर ले जाया जा रहा था और चेकिंंग के दौरान पकड़े जाने के डर से तस्कर कछुओं को को छोड़ कर भाग गए। जीआरपी ने कछुआ बरामद कर उसे वन विभाग के सुपुर्द कर दिया।
ठंड के दिनों में कछुओं की तस्करी बढ़ जाती है। देहरादून, लखीमपुर खिरी, बिजनौर सहित अन्य इलाकों से कछुओं को पकड़ कर तस्कर ट्रेनों के जरिए पश्चिम बंगाल पहुंचाते हैं। कई बार इन कछुओं को सीमा पार चीन तक भेजा जाता है। अब ठंड समाप्त होने के बाद भी कछुओं की तस्करी हो रही है। जीआरपी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि अपराधियों की धड़ पकड़ के लिए पीडीडीयू जंक्शन पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार की दोपहर में टीम जब प्लेटफार्म संंख्या एक और दो पर पहुंची तो वहां चार पिट़्ठू बैग पड़े थे। वे हिल रहे थे, इस पर जीआरपी कर्मियों का आश्चर्य हुए। जब बैग खोलकर देखा गया तो उसमें बड़े आकार के कछुए थे। बैगों को कोतवाली लाकर गिनती की गई तो 35 कछुए बरामद हुए। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। वन विभाग के अधिकारियों के आने पर कछुओं को उनके हवाले कर दिया गया।