पीडीडीयू नगर। चंदौली नगर की चरमराई पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करीब 31.95 करोड़ से कार्य योजना बनाई है। योजना को स्टेट लेबल हाई पॉवर से अनुमति मिल गई है। इसके साथ धन भी अवमुक्त होना शुरू हो गया है। धन मिलने के बाद विभाग टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने में जुट गया है। विभाग का दावा है कि आगामी दो माह में योजना से जुड़े कार्य आरंभ कर दिए जाएंगे।
योजना में नगर के 3769 घरों का चयन किया गया है जिनमें शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाना है। योजना के तहत लाल बहादुर शास्त्री नगर में 650 और आंबेडकर नगर में एक हजार किलोलीटर क्षमता की दो पानी की टंकियां बनाई जाएंगी। इन टंकियों में पानी चढ़ाने के लिए दो-दो ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। इन टंकियों के पानी को 53.32 किलोमीटर पाइप लाइन के जरिए घरों तक पहुंचाया जाएगा। दरअसल शासन की ओर से चल रही अमृत फेस-2 योजना के तहत जिले के नगरीय इलाकों में घरों तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दी गई है। चंदौली में घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए बोर्ड ने नई कार्ययोजना तैयार कर स्टेट लेबल हाई पॉवर के पास अनुमति के लिए करीब दो माह पूर्व भेजी थी। योजना को स्टेट लेबल से मंजूरी मिलने के बाद धन अवमुक्त करना आरंभ कर दिया गया है। शीघ्र ही चंदौली के चयनित घरों में पानी पहुंचने लगेगा।
बेकार पड़ी पानी की टंकी को भी लाया जाएगा उपयोग मेंनगर के वार्ड नंबर-12, गौतम नगर में कुछ वर्ष पूर्व नगर पंचायत की ओर से 18 सौ किलोलीटर क्षमता की नई टंकी का निर्माण कराया गया था। टंकी में पानी चढ़ाने के लिए ट्यूबवेल भी लगाए गए थे लेकिन कतिपय कारणों से टंकी को उपयोग में नहीं लाया जा सका है। इससे टंकी बेकार पड़ी हुई है। सर्वे के दौरान बोर्ड के इंजिनियरों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इस टंकी को भी उपयोग में लाने का फैसला किया है। समय की मार झेलते-झेलते क्षतिग्रस्त हो चुकी टंकी व ट्यूबवेल की मरम्मत कर उनके जरिए भी लोगों के घरों तक पानी पहुंचाया जाएगा।
चंदौली नगर में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए तैयार की गई कार्ययोजना को स्टेट लेबल हाई पॉवर को मंजूरी मिल गई है। शीघ्र ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दो माह के अंदर योजना से जुड़े कार्य आरंभ कर दिए जाएंगे। वीरसेन, सहायक अभियंता, गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।