कंदवा। मचवां गांव में मंगलवार की रात नवयुवकों ने युवा वर्ग में बढ़ रही नशाखोरी और उससे होने वाले नुकसान को दर्शाते हुए घर की घर की इज्जत नामक नाटक का मंचन किया। उन्होंने नाटक के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश भी दिया।
नाटक की कथा के अनुसार नायिका सुमन का मामा उमानाथ पैसे के लालच में अपनी भांजी सुमन को शराबी गजाधर को बेच देता है लेकिन वह नायक सदन से प्रेम करती है। नाटक में यह भी दर्शाया जाता है कि शराब हासिल करने के लिए शराबी मामा किस तरह से अपने परिवार के सदस्यों से अभद्र व्यवहार करता है और मां बाप पर हाथ तक उठा देता है। इतना ही नहीं वह कर्ज में डूबने पर शराब के लिए अपनी पत्नी को भी कोठे पर बेच देता है। अंत में उसे अपनी भूल का अहसास होने के बाद पाने के लिए उसके पास कुछ नहीं बचा होता है। नाटक में सशक्त अभिनय के माध्यम से कलाकारों ने नशाखोरी पर करारी चोट की और लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। शराबी गजाधर की भूमिका अरविंद पांडेय ने निभाई। इसके अलावा पत्नी सुमन सहित अभिनंदन पांडेय, सुनील पांडेय और शैलेष पांडेय ने भी अभिनय किया। इस मौके पर धीरेंद्र सिंह, अवनींद्र पांडेय, आकाश सिंह, पनिश यादव, प्रभुनारायण वर्मा मौजूद रहे।