पीडीडीयू नगर। वर्षों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे वनांचल के लोगों के लिए यह खबर किसी खुशखबरी से कम नहीं है। नौगढ़ में कई वर्षों से विलंबित पेयजल परियोजना को शासन से मंजूरी मिल गई है। योजना के तहत 250 करोड़ रुपये की लागत से भैसोढ़ा बांध के पानी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से शुद्ध करने के बाद करीब छह सौ किलोमीटर पाइप लाइन के जरिए विकासखंड के 93 राजस्व गांवों के घरों में पहुंचाया जाएगा।
जलनिगम (ग्रामीण) ने जल जीवन मिशन के तहत नौगढ़ ग्राम समूह पुनर्गठन पेयजल योजना का खाका तैयार कर लिया है। विभाग का दावा है कि इस वर्ष कार्य आरंभ कर वर्ष 2024 तक समाप्त कर लिया जाएगा। इसके बाद वनवासियों को शुद्ध पानी मिलने लगेगा।
नक्सल प्रभावित नौगढ़ के वनक्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था किया जाना हमेशा चुनौती रही है। वनक्षेत्र के गांवों में रहने वाले ग्रामीण चंद हैंडपंपों और पहाड़ों से निकलने वाले प्राकृतिक जल स्रोतों पर आश्रित रहते हैं। इनसे आर्सेनिकयुक्त और दूषित पानी ही आता है। गर्मी के दिनों में जलस्तर घट जाने से हैंडपंप पानी देना छोड़ देते हैं और प्राकृतिक जल के स्रोत भी सूख जाते हैं। इससे वनवासियों को पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ता है। नौगढ़ ब्लॉक के इन जंगली इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए पूर्व के वर्षों में भी कई योजनाएं बनाई गईं पर वे फलीभूत नहीं हो सकी हैं। इस बार तैयार नई कार्ययोजना को शासन की स्वीकृति मिलने के बाद अब वनवासियों को शुद्ध पेयजल मिलने की संभावना बलवती हो गई है।
पीडीडीयू नगर। वनक्षेत्र के इन गांवों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए भैसोढ़ा बांध के पानी को शुद्ध करने की योजना है। इसके लिए बांध में जमा पानी को तीन स्तर पर शुद्ध किया जाएगा। वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट, रॉ वाटर रिजवायर और फिल्टर प्लांट से पानी को साफ कर टैंकों में भेजा जाएगा।
पीडीडीयू नगर। बांध के शुद्ध पानी को स्टोर करने के लिए क्षेत्र में नौ स्थान चिह्नित किये गये हैं। इन स्थानों पर पानी की टंकियां बनाई जाएंगी। इन टंकियों की क्षमता 100 से लेकर 750 किलोलीटर पानी एकत्र करने की होगी। इन टंकियों से लगभग 600 किलोमीटर पाइपलाइन के जरिए घर-घर पानी पहुंचाया जाएगा।
पीडीडीयू नगर। योजना के तहत नौगढ़ ब्लॉक के 93 गांवों के 12 हजार 301 घरों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इससे इन गांवों में रहने वाले करीब 75 हजार लोगों के लिए पानी की व्यवस्था हो जाएगी। गर्मी के दिनों में क्षेत्र का भूजल काफी नीचे चला जाता है। इससे पानी के एक एक बूंद के लिए वनवासी तरस जाते हैं। यह कार्य हो जाने से उनको काफी राहत मिलेगी।
बहुप्रतिक्षित पेयजल योजना को शासन की मंजूरी मिल गई है। योजना से जुड़े कार्य इसी वर्ष मई-जून माह से आरंभ कर दिए जाएंगे। योजना के तहत जिन गांवों में पाइप लाइन के जरिए पानी नहीं पहुंचाया जा सकेगा, उन गांवों में उच्च क्षमता के हैंडपंप लगाए जाएंगे। योजना से जुड़े सभी कार्य वर्ष 2024 तक पूरे कर लिए जाएंगे। -हेमंत कुमार सिंह, एक्सईएन, जलनिगम (ग्रामीण), चंदौली।