सकलडीहा। पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा की सकलडीहा रेलवे स्टेशन के समीप बरठी गांव स्थित कैंप कार्यालय पर हुई बैठक में लोकसभा चुनाव में मोर्चा की भूमिका पर चर्चा की गई। इस दौरान पूर्वांचल की बदहाली के लिए नेताओं की कमजोर इच्छा शक्ति को जिम्मेदार बताया गया। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरवंश पूर्वांचली ने कहा कि अलग पूर्वांचल राज्य के लिए जनमोर्चा आंदोलन करेगा।
अध्यक्षता करते हुए हरवंश पूर्वांचली ने कहा कि देश में कई छोटे राज्यों का गठन हुआ है। जहां विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद पूर्वांचल को राज्य का दर्जा देने के सवाल पर आंदोलन तेज किया जाएगा, ज्यादा दिनों तक पूर्वांचलियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है। पूर्वांचल राज्य के बिना विकास संभव नहीं है। कहा कि योजना आयोग ने 1962 में तीसरी पंचवर्षीय योजना में उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए प्रदेश को पांच भागों में विभाजित करके प्रदेश में कोष की स्थापना किया था। उन्होंने सभी दलों से पूर्वांचल के मुद्दे को अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग की। बैठक में स्वरूपा नंद तिवारी, भैया लाल, राहुल विश्वकर्मा, मोनू पटेल, रमाशंकर तिवारी, प्रभात श्रीवास्तव, रितु कुमार, राजेन्द्र शर्मा, विजयी पटेल रहे। संचालन रामकरन ने किया।