चंदौली। बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के उद्देश्य से जिले में बृहस्पतिवार से बाल पोषण माह का शुभारंभ किया जाएगा। 12 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान के दौरान 2.47 लाख बच्चों को ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) सत्रों में विटामिन-ए की खुराक दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बच्चों को जीवन रक्षक टीके भी लगाए जाएंगे। अभियान की शुरुआत 10 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर दी है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एनएचएम) डॉ. आरबी शरण ने बताया कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए बाल स्वास्थ्य पोषण माह मनाया जाएगा। इसको लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अभियान में नौ माह से पांच वर्ष तक के लगभग 2.47 लाख (2,47,092) बच्चों को प्रति सप्ताह दो चरणों में विटामिन-ए की खुराक पिलायी जाएगी। विटामिन ए की ख़ुराक बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और रतौंधी सहित आंखों की अन्य बीमारियों से भी बचाव के लिए लाभदायक है। स्वास्थ्य विभाग एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से बच्चों को विटामिन ए की ख़ुराक पिलाएंगे। वहीं जिला सामुदायिक प्रक्रिया मैनेजर (डीसीपीएम) सुधीर राय ने कहा कि माह भर चलने वाले इस विशेष अभियान में बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाने के साथ ही उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए आवश्यक टीके भी लगाए जाएंगे। अभियान के दौरान कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया जाएगा। ग्रामीण महिलाओं को अभियान से जुड़ी महिला कार्यकर्ता दैनिक जीवन में आयोडीन के प्रयोग की उपयोगिता से परिचित कराएगी। उन्होंने बताया कि देश को कुपोषण मुक्त करने के लिए इस विशेष अभियान के लिए एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तरफ से प्रति सप्ताह में दो बार बुधवार और शनिवार को विटामिन-ए की खुराक पिलाने का काम करेंगी। अभियान मे बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर उन्हें स्वस्थ जीवन की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए लगभग 1900 आशा कार्यकर्ता व 300 एएनएम के साथ ही 1800 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। एसीएमओ ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी कुपोषित बच्चों का पुन: वजन कराने, प्रबंधन व संदर्भन करने, नियमित टीकाकरण के दौरान लक्षित बच्चों के साथ आंशिक रूप से प्रतिरक्षित बच्चों को प्रतिरक्षण करते हुये शत-प्रतिशत टीकाकरण कराना, शिशु रोगों की रोकथाम करते हुए स्तनपान व ऊपरी आहार को बढ़ावा देते हुए कुपोषण से बचाव कराना व आयोडीन युक्त नमक के प्रयोग को बढ़ावा देना है। कोविड-19 संक्रमण से बचाव एवं नियमों को ध्यान में रखते हुये अभियान के तहत सभी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।