दुलहीपुर। नियामताबाद विकासखंड के तीन बड़े गांव सतपोखरी, मलोखर और मुहम्मदपुर जलनिकासी की बदहाल व्यवस्था के कारण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। पिछले पांच महीने में तीसरी बार यहां जलभराव की स्थिति बनी है। 400 से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है और 15 हजार से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हैं। मुख्य मार्ग से लेकर गलियों और घरों तक गंदा पानी भरा हुआ है। प्राथमिक विद्यालय, मस्जिद और मंदिर तक जलमग्न हो चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात शुरू होते ही जलनिकासी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। गांवों की सड़कें तलैया जैसी हो जाती हैं। सैकड़ों घरों में महीनों तक पानी भरा रहता है। कुछ परिवार तो मजबूरी में गांव छोड़कर किराए के मकान में शरण लेने को विवश हैं। मुहम्मदपुर और सतपोखरी में करीब 50 परिवार हर वर्ष दो महीने तक अपना घर छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।
सतपोखरी, मलोखर और मुहम्मदपुर गांवों में बुनकरों की आबादी हजारों में है। ये लोग पावरलूम चलाकर आजीविका चलाते हैं, लेकिन लगातार जलभराव से उनका कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित होता है। करघों तक पानी पहुंचने से रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
स्वास्थ्य संकट मंडरा रहा
गांव की गलियों और घरों में गंदा पानी भरे होने से संक्रामक रोगों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियां हर बरसात में सिर उठाती हैं। सतपोखरी के राजेंद्र पटेल ने बताया कि जलनिकासी की व्यवस्था न होने से रिश्तेदार तक घर आने से कतराने लगे हैं।इब्राहिम अहमद ने कहा कि विधायक और अधिकारियों से कई बार गुहार लगाने के बावजूद आज तक कोई समाधान नहीं हुआ।
यहां की गलियों में महीनों तक गंदा पानी भरा रहता है। गंदगी के कारण अधिकांश लोग बीमार रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार झूठे आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।सौरभ गिरी
सतपोखरी व मुहम्मदपुर के कई परिवार जलभराव के कारण सालों से किराए पर रह रहे हैं। बारिश होने पर यहां की स्थिति नारकीय हो जाती है।-रविंद्र कुमार
लाखों की आबादी वाले इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या जलनिकासी है, लेकिन किसी प्रतिनिधि की नजर यहां की समस्या पर नहीं पड़ती।-डॉ.आर.के.शर्मा
मैं यहीं पैदा हुआ और आज तक यही समस्या देख रहा हूं। सरकारें बदलीं लेकिन हालात जस के तस हैं। -लक्ष्मण पटेल
पीडीडीयू नगर के मानस नगर में घरों में घुसा बारिश का पानी। संवाद