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अपात्रों को बांट दिए 74 लाख, जांच में खुली पोल

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चंदौली। शासन की योजनाएं जिले में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। यहां पात्रों के जगह अपात्रों को आवास देने के नाम पर 74 लाख से भी अधिक रकम के बंदर बांट का मामला प्रकाश में आया है। परियोजना निदेशक सुशील कुमार के जांच में चकिया विकास खंड में 40 और सदर में 17 ऐसे लोगों को चिह्नित किया है। जिन्हें बगैर सत्यापन और अपात्र होने के बाद भी आवास की धनराशि का भुगतान किया गया है। वहीं इसमें एक लिपिक की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को तीन किस्तों में एक लाख तीस हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। लाभार्थी का चयन पात्रता के अनुसार करने की जिम्मेदारी ब्लाक के अधिकारियों की होती है। लेकिन अधिकारियों ने आवास योजना के तहत गरीबों की जगह ऐसे लोगों को चयनित करके धनराशि का भुगतान कर दिया, जो आवास योजना के लिए पात्र भी नहीं है। ग्रामीणों की ओर से मिली शिकायत के बाद परियोजना निदेशक सुशील कुमार ने जब जांच किया तो पाया कि वर्ष 2016-17 में चकिया विकास खंड के भीषमपुर सहित 18 गांवों में 40 अपात्रों को तीन किस्तों में 52 लाख रुपये उनके खाते में भेज दिए गए है। वहीं सदर ब्लाक के भटपुरवा में भी 17 अपात्रों के खातें में 22 लाख दस हजार रुपये भेज गए है। अपनी जांच रिपोर्ट में चकिया बीडीओ ने ब्लाक में तैनात लिपिक मो. मुईद खां को दोषी ठहराया है। जो वर्तमान समय में सदर ब्लाक में तैनात है और यहां भी आवास योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता सामने आई है। अब मामला प्रकाश में आने के बाद अपात्रों से सरकारी धन के रिकवरी करने की भी तैयारी चल रही है। वहीं चकिया और सदर ब्लाक के बीडीओ के अलावा लिपिक के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए अधिकारी रिपोर्ट बनाने में जुट गए है। माना जा रहा है कि सरकारी धन के रिकवरी के अलावा जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
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कोट...
जांच के दौरान चकिया और सदर विकास खंड के गांवों में 57 अपात्र लोगों को आवास योजना का लाभ देने का मामला उजागर हुआ है। इसमें 74 लाख से अधिक धनराशि का भुगतान किया गया है। अपात्रों से रिकवरी और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजा जाएगा। सुशील कुमार, परियोजना निदेशक चंदौली।
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