पीडीडीयू नगर। प्रधानमंत्री के आह्वान पर रेलवे स्वच्छता ही सेवा अभियान चला रहा है। रेलवे स्टेशन, कालोनी परिसर, ट्रेनों में साफ सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मंडल स्तरीय अधिकारी स्वयं ही इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। दूसरी तरफ मंडल स्तरीय अधिकारियों के बैठने का स्थान डीआरएम आफिस स्वच्छता अभियान की कलई खोल रहा है। दीवारों पर पड़ी पान की पीक, बेतरतीब पड़े सामान स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने रेलवे की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बात कही थी। यही कारण है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे गंदा रेलवे स्टेशन घोषित होने के बाद दस करोड़ रुपये में निजी कंपनी को स्टेशन की साफ सफाई का ठेका दिया गया। यही नहीं अधिकारियों को भी लगातार साफ सफाई करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पहले दिन पंद्रह सितंबर को डीआरएम पंकज सक्सेना ने भी सफाई करके स्वच्छता का संदेश दिया था ।एशिया के सबसे बड़े रेलवे यार्ड वाले मुगलसराय मंडल का कार्यालय नगर में है और डीआरएम सहित मंडल स्तरीय अधिकारियों की टीम मंडल कार्यालय में बैठती है। स्वच्छता अभियान की पूरी रूप रेखा यही तैयार होती है लेकिन अधिकारी अपने ही बैठने के स्थान को साफ करना भूल जा रहे हैं। मंडल कार्यालय में एक पाली में सात सौ से अधिक रेल कर्मी काम करते हैं। तीन मंजिला कार्यालय के मुख्य द्वार का हाल ही में सौंदर्यी करण कराया गया है। इस लिए मुख्य द्वार तो साफ है लेकिन जैसे ही अंदरूनी हिस्से में जाते हैं। सफाई की पोल खुलने लगती है। पर्सनल विभाग जहां सभी रेल कर्मियों की ड्यूटी का रिकार्ड होता है, उसके विभिन्न सेक्शनों के बाहर दीवारों पर पान की पीक लोगों का स्वागत करती है। यह स्थिति सिर्फ एक विभाग की नहीं है, चाहे एकाउंट की बात हो अथवा वाणिज्य विभाग की। हर विभाग की कहानी एक जैसी है। इस संबंध में मंडल जनसंपर्क अधिकारी पृथ्वीराज ने बताया कि स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। डीआरएम आफिस में यदि कहीं कमी है तो उसे भी साफ किया जाएगा।