चंदौली। समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर रविवार को मुख्यालय स्थित पार्टी कार्यालय पर आयोजित किया गया। इस दौरान बीएचयू के प्रोफेसर आनंद दीपायन ने कार्यकर्ताओं को समाजवाद का पाठ पढ़ाते हुए महापुरुषों के विचारों की प्रासंगिकता के परिचित कराया। बताया कि समाज और देश के विकास के लिए लड़ी जाने वाली छोटी-छोटी लड़ाइयों से ही नेतृत्व का विकास होता है।
प्रोफेसर आनंद ने कहा कि आज के दौर में डा. राममनोहर लोहिया, डा. आंबेडकर और महात्मा गांधी के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक चेतना की जरूरत है। लोहिया ग्रामीण और कृषक समाज के हिमायती थे। उनके विकास को लेकर चिंतित रहते थे। उन्होंने 50 से 70 के दशक में कांग्रेस के खिलाफ हरित क्रांति के जरिए पिछड़े और किसानों का नेतृत्व किया। उनके इसी आंदोलन के प्रभावित होकर किसान नेताओं का उदय हुआ। बताया कि लोहिया सभी क्षेत्रों में शत प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी के भी हिमायती थे। गांव बनाम शहर की वकालत करते थे। उनके विचारों से ही जनसंघ का प्रादुर्भाव हुआ। वहीं डा.आंबेडकर का मानना था कि गांवों में छुआछूत की भावना अधिक है। यहां दलितों और छोटी जातियों का विकास अवरुद्ध हो जाता है। महात्मा गांधी के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तमाम मतभेदों के बावजूद भी लोग गांधी जी के विचारों से प्रभावित थे। प्रोफेसर आनंद ने महापुरुषों के विचारों को आत्मसात करने पर जोर दिया। इस अवसर पर राजनाथ यादव, सत्यनारायण राजभर, श्यामनारायण, अनिल मिश्र, अशोक त्रिपाठी, राजा खां आदि रहे।