जिले में आग लगने की घटनाओं से पीड़ित 136 लोगों को 11.2 लाख की सहायता दी जा चुकी है। पीड़ितों के जले बर्तन समेत अन्य नुकसान की भारपाई के लिए 1.75 लाख का भुगतान किया गया है।
जिले में आग लगने की घटनाओं के बाद तत्काल पीड़ितों तक मदद पहुंचाने में प्रशासनिक अमला सक्रिय भूमिका अदा कर रहा है। इसके लिए आपदा विभाग में कंट्रोल रूम से पीड़ितों के पास 48 से 72 घंटे तक मदद पहुंच जा रही है। आगलगी की सूचना के बाद तत्काल मौके पर लेखपाल व तहसील को पहुंचने के बाद रिपोर्ट आने के बाद पीड़ितों के खाते में धनराशि भेज दी जा रही है।
जिले में आए दिन झोपड़ियों में आग लगने से बस्ती की बस्ती खाक हो जा रही है। पीड़ितों के त्वरित मदद के लिए शासन ने आपदा कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जहां से अग्निशम केंद्र से लेकर तहसील प्रशासन तक सूचना व जिम्मेदारों को मौके पर भेजने तक की प्रक्रिया अपनाई जाती है। उसके बाद पीड़ितों की नुकसान आ आंकलन की रिपोर्ट मांगी जाती है। उसके बाद उनके खाते में धानराशि भेज दी जाती है। आपदा विभाग को 53.80 लाख की धनराशि सरकार से अग्निपीड़ितों तक भेजने के लिए मिला है।-
-अनिल कुमार, एडीएम, प्रशासन ने बताया कि आग लगने की घटनाओं पर प्रशासन की तरफ से तत्काल सहायता दी जा रही है। इसके लिए आपदा विभाग में कर्मचारियों की टीम लगाई गई है। घटनाओं के बाद तहसीलों से तत्काल रिपोर्ट मंगाकर पीड़ितों के खाते में सहायता राशि भेजी जा रही है।