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तंग आकर व्यापारियों ने संभाली सफाई की कमान

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चकिया। जिले के बड़ी ग्राम पंचायतो में सम्मिलित लगभग 20 हजार की आबादी वाले सिकन्दरपुर ग्राम पंचायत में सरकारी सफाई व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की चमक फीकी पड़ी हुई है। इससे आजिज होकर व्यापारियों ने पिछले चार माह से स्वयं के खर्च से सफाई कराने का जिम्मा उठा लिया है। अभियान जारी रखने के लिए व्यापारी प्रति माह पांच हजार रूपये चंदा एकत्र कर सफाई की व्यवस्था करा रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि उनके इस अभियान से कभी न कभी तो जिले का पंचायती राज विभाग अवश्य जागेगा।
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गांव की लगभग आधी आबादी मुस्लिम समुदाय की है। गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए बनी नालियां कई दशक पुरानी हो क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इससे उनमें गंदे पानी का बहाव अवरुद्ध हो गया है। नालियों में गंदा पानी बहकर गांव की गलियों में फैला रहता है। इसके बावजूद आज तक सीवर की व्यवस्था ग्राम पंचायत द्वारा नहीं की गई। गांव के कूड़े के निस्तारण में भी पंचायत राज विभाग की कोई दिलचस्पी नहीं बची है। गांव में तैनात सफाईकर्मी कभी भी गांव में दिखाई नही देते हैं। इससे गांव में गंदगी का अंबार लगा रहता है।
स्थिति से आजिज आकर व्यापार मंडल के सदस्यों ने बाजार की सफाई का बीड़ा स्वयं उठा लिया। व्यापारी सत्यप्रकाश गुप्ता ने सफाई का मलबा ढोने के लिए 13 हजार की रिक्शा ट्राली खरीदकर ग्राम पंचायत को दी है। साथ ही वे प्रत्येक माह एक हजार रुपया देने का वायदा भी कर चुके हैं। व्यापार मंडल प्रतिमाह 50 रुपया सफाई शुल्क के नाम पर व्यापारियों से चंदा के रूप में लेता है। धन की व्यवस्था करने के बाद व्यापारियों ने सफाईकर्मियों को वेतन पर रखकर सफाई अभियान चार महीने पूर्व आरंभ किया जो रोस्टर बनाकर प्रतिदिन चलाया जाता है। सफाईकर्मी हाथ फावड़े व अन्य संसाधनो से कूड़ा उठाकर दूर फेंक आते हैं। वहीं अधिक गंदगी वाले स्थानों की सफाई के लिए जेसीबी भी किराये पर ली जाती है। अभियान के संचालक व्यापार मंडल के शीतला केशरी, विमलेश विश्वकर्मा, प्रमोद जायसवाल, श्यामलाल केशरी, राजीव पाठक, साबिर बिंदास का कहना है कि गांव की सफाई के लिए डीपीआरओ, एडीओ पंचायत तथा डीएम तक से गुहार लगाने पर कुछ नही हुआ तो उन्होंने स्वयं ही सफाई कराने का बीड़ा उठा लिया। कहा कि पंचायत राज विभाग का यह कृत्य केंद्र व प्रदेश सरकार के स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखा रहा है।
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खंड विकास अधिकारी सरिता सिंह ने कहा कि गांव में सफाई कराने का जिम्मा एडीओ पंचायत का है। जानकारी होने पर उनसे लिखित जबाव- तलब किया जाएगा।
धनंजय
बाइट- 2387
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