पीडीडीयू नगर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने अभियान चलाकर आइसक्रीम के कारखानों में जांच की। इस दौरान टीम ने कारखानों से आइसक्रीम के 12 नमूने लिए। प्रारंभिक जांच में खराब मिलने पर टीम ने आइसक्रीम बनाने में प्रयुक्त होने वाले 54 किलो सामान नष्ट करा दिया।
गर्मी के मौसम में आइसक्रीम की मांग बढ़ जाती है। उधर, मुनाफा कमाने के चक्कर में आइसक्रीम निर्माता कृत्रिम रूप से पकाए गए फलों तथा दूषित खाद्य पदार्थों और फलों के जूस का इस्तेमाल करते हैं। आइसक्रीम जमाने के लिए इस्तेेमाल कंटेनर का रखरखाव भी ठीक ढंग से नहीं करते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से तीन दिन तक अभियान चलाकर कार्रवाई की गई। सहायक आयुक्त (खाद्य) कुलदीप सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केएन त्रिपाठी ने बताया कि जांच के दौरान टीम ने आइसक्रीम बनाने में प्रयुक्त होने वाले 54 सामान नष्ट करा दिया। इस दौरान जांच के लिए 12 आइसक्रीम के नमूने लिए। टीम ने चंदौली बाजार से तीन विभिन्न प्रकार के आइसक्रीम के नमूने लिए। बिजूरियाबीर बखरा और भोजपुर स्थित आइसक्रीम कारखानों से एक-एक नमूने लिए। इसके अलावा रामनगर में पांच नमूने लिए। इसके अलावा चंदौली में मठ वाली गली और शंकर मोड़ से आइसक्रीम के एक-एक नमूने लिए।