नौगढ़। तहसील क्षेत्र में आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध पक्का निर्माण कराने के मामले में वन क्षेत्राधिकारी जानकी शरण श्रीवास्तव ने अतिक्रमण करने वाले के खिलाफ चकरघट्टा थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं डीएफओ मनोज खरे ने लापरवाही बरतने के आरोप में क्षेत्रीय वनरक्षक शैलेश कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से वनकर्मियों और अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप और नाराजगी है।
नौगढ़ क्षेत्र के मझगाईं के ब्लाक कंपार्टमेंट गहिला पांच के आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से पक्का मकान का निर्माण कराया जा रहा था। जिसकी सूचना एक महीने पहले वन्यजीव रक्षक ने वन क्षेत्राधिकारी को दिया था। जिसके बाद निर्माण कार्य रोका गया तो ग्राम बरगढ़ निवासी अतिक्रमण कारी सत्यनारायण ने प्रतिवाद करते हुए अपनी भूमि धरी जमीन बताई थी। इसके बाद वन विभाग के अनुरोध पर उप जिला अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने नापी कराने का निर्देश दिया था। वन विभाग और राजस्व विभाग के संयुक्त सर्वे सीमांकन कराया गया। अभिलेखों का मौके पर स्थलीय निरीक्षण और पैमाइश के बाद आरक्षित वन बताया गया ।आरक्षित वन की पुष्टि होने पर वन क्षेत्राधिकारी ने भारतीय वन अधिनियम और लोक संपत्ति क्षरण होने की तहरीर थाने में दिया था। इसके बाद भी वहां निर्माण कराया गया। लापरवाही का मामला सामने आने पर प्रभागीय वन अधिकारी रामनगर मनोज खरे ने तत्काल प्रभाव से वनरक्षक शैलेश कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया गया है और वन क्षेत्राधिकारी से भी जवाब तलब किया है।