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एसपी का घेराव करने गए सपाईयों को पुलिस ने रोका

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चंदौली। पिछले गुरुवार को सदर कोतवाली क्षेत्र के बसपुरवां गांव और विसुधंरी गांव के बीच हुए मारपीट में छह से अधिक लोग घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। वहीं एक की हालत चिंताजनक होने पर ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया था। पुलिस ने एक पक्ष की तहरीर पर दूसरे पक्ष के आधा दर्जन ज्ञात व एक दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं दूसरे पक्ष के तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। लेकिन अभी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। जिसको लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक का घेराव कर दिया। इस पर पुलिस अधीक्षक ने एक सप्ताह का समय देते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।
सोमवार को समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, विधायक प्रभुनारायण यादव व जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर के साथ बसपुरवां गांव की महिलाएं व पुरुष पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। लोगों की भीड़ देख सदर कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसने लगे। जिसे पुलिस ने मेन गेट पर ही रोक लिया। रोके जाने से नाराज सपा कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करने लगे। इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह को हुई तो उन्होंने एक प्रतिनिधि मंडल को बुलाकर वार्ता करने के लिए कहा। इसके बाद पूर्व सांसद, विधायक, व जिलाध्यक्ष ने जाकर मिला। इन लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि गुरुवार के दिन हुई घटना में दो लोगों के बीच मारपीट के बाद पुलिस ने लोगों का प्रताड़ित की। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं के दबाव में कार्रवाई का आरोप लगाया। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने भरोसा दिया कि इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जा रही है। इसमें दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
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इस संबंध में पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि घटना क्रम को देखते हुए कार्रवाई की गई है। इसकी जांच सीओ स्तर से कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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