चंदौली। ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाने को विवश परिषदीय विद्यालयों के ढाई लाख गरीब छात्रों को गर्म कपड़ों के लिए अभी और इंतजार करना होगा। इस बार प्रदेश सरकार ने ई-टेंडरिंग के माध्यम से फर्म का चयन कर सरकारी स्कूलों में गर्म कपड़ों की आपूर्ति कराने का निर्णय लिया है। निविदा में हो रही देरी बच्चों के समक्ष उत्पन्न समस्या का मूल कारण है। बेसिक शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो दिसंबर माह के अंत तक ही कपड़ों का वितरण शुरू हो सकेगा।
जनपद में 993 प्राथमिक और 470 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। इनमें दो लाख पांच हजार 464 बच्चों का नामांकन किया गया है। फिलहाल समस्या यह है कि ठंड शुरू हो गई है। लेकि न अब तक बच्चों को गर्म कपड़ों का वितरण नहीं कराया जा सका है। वितरण कब तक हो पाएगा इसका उत्तर विभागीय अधिकारियों के पास नहीं है। कारण यह कि इस बार सरकार ने ई-निविदा के जरिए कपड़ों की आपूर्ति का फैसला लिया है। प्रदेश स्तर से ही फर्म का चयन होना है। अभी तक फर्म का चयन ही नहीं हो सका है। ऐसे में कपड़ों का वितरण फिलहाल दूर की कौड़ी नजर आ रहा है। इस बाबत बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पहले जनपद स्तर पर ही आनलाइन प्रक्रिया के जरिए फर्मों का चयन कर बच्चों में गर्म कपड़ों का वितरण कराया जाता था। लेकिन इस बार शासन ने प्रदेश स्तर पर फर्म के चयन का निर्णय लिया है। उसी फर्म के जरिए बच्चों को गर्म कपड़ों की आपूर्ति की जाएगी। शासन स्तर से यह जानकारी दी गई है कि शीघ्र ही कपड़ों की आपूर्ति कराई जाएगी।
चंदौली। नक्सल प्रभावित विकास खंड नौगढ़, शहाबगंज और चकिया में परिषदीय विद्यालयों में छात्रों को जूते और मोजे भी नहीं बांटे जा सके हैं। कारण एसडीएम ने जूतों और मोजे की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि गुणवत्ता को लेकर की गई शिकायत दूर कर ली गई है और संबधित ब्लाकों में वितरण हेतु जूतों और मोजे की आपूर्ति भी करा दी गई है।