मुंबई के 27 रेल आरक्षण केंद्रों पर चल रहे तत्काल कोटे के गोरखधंधे को पकड़ने के लिए सीबीआई ने जाल बिछा दिया है।
रेलवे बोर्ड को भेजी गई उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई को आगे की कार्रवाई के लिए स्वीकृति मिल गई है।
सीबीआई के सक्रिय होने से मध्य और पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू करा दी है।
मांगी गई थी अनुमति
पिछले दिनों जंघई के पास गोदान एक्सप्रेस में सीबीआई ने छापा मारा था। सबूतों के आधार पर मुंबई में चल रहे इस रैकेट को पकड़ने और आगे की कार्रवाई की अनुमति की मांग उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन से की गई थी।
वैसे इस बात को गोपनीय रखा गया है कि सीबीआई ने किन लोगों की और कहां जांच की है।
सात रेल आरक्षण केंद्रों पर मारे गए छापे
सूत्रों के मुताबिक मुंबई में कुछ रेलवे अधिकारियों, तत्काल कोटे के खेल में जुड़े कर्मचारियों और दलालों से सीबीआई पूछताछ कर रही है। रविवार को पश्चिम रेलवे के सात रेल आरक्षण केंद्रों पर मारे गए।
छापे में पकड़े गए आठ दलालों को रेलवे विजिलेंस की टीम ने सीबीआई के हवाले कर दिया है।
शून्य हुआ खाता
सीबीआई के मुंबई पहुंचते ही वहां शुरू हुई जांच और धरपकड़ के चलते तत्काल टिकटों की कालाबाजारी पर काफी हद तक अंकुश लग गया है।
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सोमवार सुबह दस बजे गोरखपुर-मुंबई कुशीनगर एक्सप्रेस और गोरखपुर-एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस का तत्काल कोटे का आरक्षण खुला था।
इन ट्रेनों की सभी श्रेणी की एक भी सीट की बुकिंग मुंबई के रेल आरक्षण केंद्रों पर नहीं हुई।