बलीपुर के तिहरे हत्याकांड के दौरान पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैया के कई करीबी प्रधान के घर में मौजूद थे। यह बात निलंबित कोतवाल सर्वेश मिश्रा की ओर से जीडी में दर्ज की गई है।
हालांकि पूछताछ में उसने यह बयान नहीं दिया। सीबीआई टीम कोतवाल के बयान तथा लिखा पढ़ी को लेकर कभी भी राजा भैया के करीबियों पर शिकंजा कस सकती है।
कुंडा के निलंबित कोतवाल सर्वेश मिश्रा ने भले ही चार दिनों से सीबीआई टीम की पूछताछ में अलग-अलग बयान देकर गुमराह करने की कोशिश की है लेकिन जीडी में दर्ज तस्करा और बयानों को लेकर जांच का दायरा उसी के इर्द-गिर्द घूम रहा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद कोतवाली लौटे निलंबित कोतवाल ने जो लिखा पढ़ी की है, वह राजा भैया के करीबियों पर शिकंजा कसने को काफी है।
कोतवाल ने जीडी में दर्शाया है कि जब वह घटना की सूचना पर प्रधान के घर सीओ जियाउल हक, एसएसआई विनय कुमार सिंह, गनर इमरान तथा अन्य पुलिस कर्मियों के साथ पहुंचे तो चारपाई पर प्रधान का शव पड़ा था। सैकड़ों की तादाद में वहां मौजूद असलहाधारी पुलिस वालों को देखते ही गालियां देते हुए फायर करने लगे।
अफरातफरी के बीच वे लोग (पुलिस वाले) भागने लगे। अंधेरा होने के कारण अलग-अलग दिशाओं में भागे। लोग अंधाधुंध गोलियां चला रहे थे। उस समय भीड़ में चेयरमैन कुंडा गुलशन यादव, छविनाथ यादव, हरिओम शंकर श्रीवास्तव, नन्हें सिंह आदि भी मौजूद थे।
बाद में अपर पुलिस अधीक्षक के साथ फोर्स पहुंची तो खेत और घर के पीछे छिपे गनर इमरान और एसएसआई बाहर निकले। तलाश में सीओ का शव खड़ंजे पर पड़ा मिला।
इस बावत घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। जीडी में दर्ज निलंबित कोतवाल की टिप्पणी से माना जा रहा है कि जल्द ही सीबीआई कुछ गिरफ्तारियां कर सकती है।