यूपी के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री राकेशधर त्रिपाठी और उनके तीन पारिवारिक सदस्यों के खिलाफ मारपीट, हत्या की कोशिश, सोने की चेन और नकदी लूटने का नामजद केस दर्ज किया गया है।
सपा नेता के भाई की शिकायत पर सोमवार रात हंडिया थाने की पुलिस ने मुकदमा लिख छानबीन शुरू तक दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
सैदाबाद के पास बिगहिया गांव निवासी सपा नेता प्रकाशचंद्र त्रिपाठी उर्फ पंडा महाराज के भाई भूपेंद्र नाथ त्रिपाठी ने सोमवार शाम हंडिया थाने की पुलिस को इस घटना की अर्जी दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोमवार दोपहर करीब तीन बजे वह सैदाबाद तिराहे पर खड़े थे तभी तीन गाड़ियों के काफिले में बसपा सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे डॉ. राकेशधर त्रिपाठी अपने करीबियों के साथ आ गए।
भूपेंद्र के मुताबिक, राकेशधर के इशारे पर गाड़ियों से उतरे लोगों ने उन पर राइफल और बंदूक की बटों से हमला किया। पूर्व मंत्री के पारिवारिक भतीजे सुनील त्रिपाठी ने राइफल से गोली मारी लेकिन फायर मिस हो गया।
फिर उनके गले से सोने की चेन और जेब से 20 हजार रुपये लूट लिए गए। हमले और लूट में पूर्व मंत्री के भतीजे डॉ. पंकज त्रिपाठी, सैदाबाद के पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रमोद त्रिपाठी उर्फ बुलबुल और सुनील त्रिपाठी शामिल थे।
पुलिस ने भूपेंद्र नाथ त्रिपाठी की ओर से डॉ. राकेशधर त्रिपाठी, डॉ. पंकज त्रिपाठी, प्रमोद त्रिपाठी उर्फ बुलबुल और सुनील त्रिपाठी के खिलाफ धारा 307, 323, 394 के तहत नामजद केस लिखा है।
इंस्पेक्टर हंडिया अशोक सारस्वत ने बताया कि एफआईआर लिखकर विवेचना हो रही है। छानबीन में सामने आए सुबूतों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मामले में पूर्व मंत्री डॉ. राकेशधर त्रिपाठी का कहना है कि गोली चलाने या लूट का आरोप निराधार है। विरोधियों ने साजिशन यह फर्जी केस लिखाया है। मेरी तरफ से भी इस मामले में पुलिस को अर्जी देकर जांच और कार्रवाई की मांग की जाएगी।