उत्तर प्रदेश के तीन पूर्व डीजीपी बृजलाल, कर्मवीर सिंह, श्रीराम अरुण के खिलाफ रक्षक कल्याण ट्रस्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत में बुधवार को परिवाद दाखिल किया।
आरोप है कि इनके आदेश पर ही पुलिसकर्मियों के वेतन से 25 रुपये की अवैध कटौती की जाती है। रक्षक कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह यादव को बयान दर्ज कराने के लिए 14 नवंबर की तिथि तय की गई है।
परिवादी के अधिवक्ता महेंद्र मोहन मिश्रा और नित्यानंद राय की ओर से दायर परिवाद में आरोप लगाया गया है कि आईपीएस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एक संस्था बनाई। जिसके माध्यम से साढ़े तीन लाख पुलिसकर्मियों के वेतन से अधिकारी प्रतिमाह 25 रुपये की अवैध कटौती करते हैं।
यह कटौती प्रतिवर्ष साढ़े दस करोड़ रुपये है। पुलिस अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के तहत मुकदमा दर्ज कर उनको दंडित किया जाना चाहिए। इसके लिए पूर्व डीजीपी बृजलाल, कर्मवीर सिंह, श्रीराम अरुण समेत कई पुलिस अधिकारी उत्तरदायी हैं।
उधर, बृजेंद्र सिंह ने पिछले साल एसपी गाजीपुर से भी मुलाकात की थी लेकिन उन्होंने बर्खास्त करने की धमकी देकर भगा दिया था। दो साल पहले उन्होंने उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया था।