अनूपशहर/अहार/नरौरा। बिजनौर से दो बार में छोड़े 3.06 लाख क्यूसेक पानी का असर नरौरा बैराज पर भी दिखने लगा है। शुक्रवार को 11 हजार क्यूसेक जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर गंगा घाटों व खादर में पानी जस का तस रुका हुआ है।
पिछले दिनों गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। इसके बाद पानी कम होने लगा था लेकिन बुधवार की शाम 1.42 लाख क्यूसेक और बृहस्पतिवार की सुबह 1.64 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा के जलस्तर में इजाफा हो गया। शुक्रवार गंगा बैराज पर नदी के जल स्तर में 11 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई। बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को 139602 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है जबकि बृहस्पतिवार तक नदी की डाउन स्ट्रीम में 128716 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। बैराज से निकली एलजीसी नहर में 7978 व पीएलजीसी नहर 7052 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
सिंचाई विभाग ड्रेनेज के जेई उमेश कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर में इजाफा हुआ है। एसडीएम अनूपशहर प्रियंका गोयल ने बताया कि जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ चौकी पर तहसील कर्मचारी और लेखपाल तैनात हैं। वहीं दूसरी ओर पिछले दिनों गंगा में आई बाढ़ के चलते खेतों में पहुंचा पानी अभी भी भरा हुआ है। ऐसे में किसानों का काम प्रभावित हो रहा है। किसान नरेंद्र और मेघराज का कहना है कि खेतों में पानी भरा रहने से फसलों को नुकसान होता जा रहा है।