जाम लगाना पड़ा भारी, आठ नामजद, 30 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर
बुलंदशहर। जानलेवा हमले में घायल पूर्व फौजी की मौत के मामले में रविवार को परिजनों और ग्रामीणों को नेशनल हाईवे -1 स्थित अड़ौली तिराहे पर जाम लगाना भारी पड़ गया। मामले में देहात कोतवाली पुलिस ने आठ नामजद समेत 30 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
चोला थाना क्षेत्र के गांव पचौता निवासी पूर्व फौजी विजयपाल (57) पुत्र अंगद सिंह का उसके घर और खेतों पर जाने वाले रास्ते पर अवैध कब्जे को लेकर सल्लू के साथ विवाद चल रहा था। जिस बात को लेकर सल्लू व उसके परिवार के लोग विजयपाल और उसके परिवार से रंजिश मानते थे। शनिवार को विजयपाल का खेतों पर काम करते समय सल्लू से विवाद हुआ। जिसके बाद सल्लू ने अपने परिजनों के साथ मिलकर विजयपाल को घर लौटते वक्त जमकर पीटा था। जिसमें वह गंभीर रुप से घायल हो गया और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। ग्रामीणों व परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नेशनल हाईवे-91 पर गांव अड़ौली तिराहे पर शव रख रखकर जाम लगा दिया था। जिससे करीब डेढ़ घंटे तक यातायात बाधित था। मामले में देहात कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक संजेश कुमार ने देहात कोतवाली में एक एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने मृतक विजयपाल के पुत्र टीटू, बिशन सिंह पुत्र अंगद सिंह, पंकज पुत्र रवि, कालू पुत्र संपत, सतेंद्र पुत्र मुखराम सिंह, अशोक पुत्र बिशन सिंह, प्रमोद पुत्र रमेश और सतेंद्र पुत्र रनवीर निवासीगण गांव पचौता समेत 30 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ जाम लगाने, वाहनों में तोड़फोड़, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने व अफसरों के समझाने के बावजूद जाम न खोलने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ सिटी शशांक सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। वीडियो के आधार पर अज्ञात आरोपियों की शिनाख्त कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।