जिले के अधिकतर परिषदीय स्कूलों की हालत खराब है। आलम यह है कि जिले के 2396 परिषदीय स्कूलों में से 150 स्कूलों के भवन और 620 के शौचालय जर्जर हैं। 210 से अधिक स्कूलों के हैंडपंप खराब हैं। 800 से अधिक स्कूलों में विद्युत कनेक्शन नहीं हैं। फर्नीचर भी पूरा नहीं होने के कारण 2.57 लाख में से दो लाख से अधिक बच्चे टाट-पट्टी पर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
स्कूलों में शिक्षक भी पूरे नहीं हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के परिषदीय स्कूलों की दयनीय स्थिति पर राज्य के प्रमुख सचिव को स्कूलों में व्यवस्थाएं सुधारने का आदेश दिया है। इस आदेश के तहत अमर उजाला की टीम ने नगर के कुछ स्कूलों का लाइव किया। कई भवनों की हालत अच्छी नहीं है और शिक्षक भी पूरे नहीं मिले। शौचालय तो मिले, मगर जर्जर हालत में। साफ-सफाई की व्यवस्था भी अच्छी नहीं मिली।
हाल ही बने स्कूलों की छत -दीवारों में दरार, फर्श उखड़े
हाल ही में बने स्कूल भवनों की छत और दीवारों में दरार आ गई और फर्श भी उखड़ गए हैं। यह बदहाली उस स्थिति में है जबकि हर वर्ष चार अरब से अधिक की राशि जिले के प्राथमिक स्कूलों पर खर्च होती है।
खुले आसमान तले हो रही सरस्वती साधना
प्राथमिक विद्यालय सराय चौधरियान
यहां 54 में से 15 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चे टाट-पट्टी पर बैठे थे। एक शिक्षिका सीसीएल पर बताई गई। भवन काफी पुराना है और छत गायब है। उपस्थित शिक्षिका ने बताया कि स्कूल में जो एक कमरा है। उसकी कड़ी भी गलने लगी है और कभी भी हादसा हो सकता है। बारिश में छत पटकती है।
स्कूल में एक शिक्षक व पांच बच्चे मिले
प्राथमिक विद्यालय प्रेमनगर
यहां पर मात्र सात बच्चों के साथ एक शिक्षिका मिली। दूसरी शिक्षिका अवकाश पर बताई गई। यह स्कूल गंदे नाले के पास है और भवन जर्जर और पुराना है। पेयजल के लिए हैंडपंप नहीं है और सर्दी हो या गर्मी बच्चे टाट-पट्टी पर ही पढ़ते हैं। शौचालय की स्थिति भी ठीक नहीं मिली। विद्यालय में साफ-सफाई की व्यवस्था भी चरमराई हुई थी।
टूटे फर्नीचर से भरा कमरा, टाट-पट्टी पर पढ़ाई
प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरिशचंद नगर
यहां एक कमरा टूटे फर्नीचर से भरा मिला। प्राथमिक स्कूल में बच्चे टूटे फर्श पर टाट-पट्टी पर और खुले मैदान में खड़े होकर पढ़ते मिले।तीन अध्यापकों में एक अवकाश पर बताया गया। 127 बच्चों में से 85 बच्चे अनुपस्थित बताए गए। भवन की हालत अच्छी नहीं थी और फर्श भी टूट चुके हैं।
बच्चों को नहीं मिल रहा पानी
प्राथमिक विद्यालय महात्मा गांधी नगर मामन चौकी के पास इस स्कूल में दो प्राथमिक विद्यालय हैं। एक पहले से संचालित है जबकि दूसरा चौक बाजार के जर्जर भवन से शिफ्ट किया गया है। एक स्कूल में 175 के सापेक्ष 120 और दूसरे में 75 के सापेक्ष 35 बच्चे उपस्थित थे। विद्यालय में शौचालय और हैंडपंप की हालत में अच्छी नहीं है।
उद्योग बंधुओं की मदद से मिलेगा स्कूलों को फर्नीचर
सिकंदराबाद (ब्यूरो)। तहसील क्षेत्र के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध कराने के लिए एसडीएम ने उधोग बंधुओं के साथ बैठक कर सहयोग मांगा। मालूम हो कि तहसील क्षेत्र के बहुत से प्राथमिक, माध्यमिक, स्कूलों में बच्चे आज भी जमीन पर पट्टियों पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं।
एसडीएम कन्हई ने बताया औद्योगिक इकाइयां अपने शुद्ध लाभ का दो प्रतिशत समाजिक कार्यो पर खर्च करती हैं। उन्होंने उधोग बंधुओं के साथ बैठक कर सामाजिक कार्य पर खर्च की जाने वाली राशि का कुछ भाग प्राथमिक, माध्यमिक स्कूलों में फर्निचर के लिए खर्च करने का आग्रह किया।
उद्योग बंधुओं ने उनके प्रस्ताव पर सहमति जताई है। जल्द स्कूलों को फर्नीचर उपलब्ध कराया जाएगा। स्कूलों में फर्नीचर आने के बाद स्कूलों की दशा में भी सुधार आएगा। इससे शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।