यूरिया घोटाला : समितियों और दुकानों पर कार्रवाई से मचा हड़कंप
बुलंदशहर। जिले में हुए यूरिया घोटाले के मामले में समितियों और दुकानों पर हुई कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। अब समितियों के सचिवों पर आगामी कार्रवाई की तैयारी में अफसर जुट गए हैं। कृभको और इफको भी दो दुकानों पर कार्रवाई करेगी। डीएम के आदेश पर समिति और उर्वरक की दुकानों के लाइसेंस निलंबित हो चुके हैं।
केंद्र सरकार ने गत दिनों जनपद के ऐसे 20 किसानों की सूची जारी की थी, जिनके नाम पर 8709 यूरिया के कट्टे बेच दिए गए थे। डीएम के आदेश पर जब इसकी जांच शुरू हुई तो इसमें सहकारी समिति और उर्वरक की दुकानों पर यूरिया घोटाले का मामला उजागर हुआ। जांच के दौरान यूरिया समिति के चपरासी, चौकीदार और पल्लेदारों को बेचने का खुलासा हुआ तो सूची में शामिल आधे से अधिक के पास जमीन ही नहीं पाई गई। एक दुकानदार ने अलीगढ़ के किसान को यूरिया बेचा तो अधिकतर समितियों पर गलत नाम और पते पर यूरिया बेचने का खुलासा हुआ। जांच रिपोर्ट मिलने पर डीएम रविंद्र कुमार ने गत दिवस रविवार को ही नौ समितियों और चार उर्वरक की दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए थे। साथ ही आगामी कार्रवाई के लिए जिला कृषि अधिकारी, एआर-कोआपरेटिव के अलावा ईफको और कृभको के अधिकारियों को भी पत्र जारी कर दिया था। डीएम की ओर से की गई इस कार्रवाई से समितियों और दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, दूसरी ओर संबंधित अधिकारी आगामी कार्रवाई करने में जुट गए हैं। एआर-कोआपरेटिव प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि वह संबंधित समितियों के सचिवों पर आगामी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उक्त मामले में शामिल संबंधित समितियों के सचिवों का निलंबन तय है और इसके लिए जल्द आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
कहीं यूरिया को स्टॉक तो नहीं किया जा रहा
बुलंदशहर। जनपद में यूरिया की कमी लगातार चल रही है। इसे देखते हुए कृषि विभाग ने रणनीति बनाई है कि जनपद में कहीं यूरिया का स्टॉक तो नहीं हो रहा है? या फिर निर्धारित दाम से अधिक यूरिया तो नहीं बेचा जा रहा है। इस पर विभागीय अफसरों की पैनी नजर है और जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई किए जाने की लगभग तैयारी पूरी कर ली है।
जनपद में गत करीब एक माह से लगातार यूरिया की कमी चल रही है। हाल ही में प्राइवेट दुकानों पर यूरिया की रैक जनपद पहुंच गई थी। इससे प्राइवेट दुकानों पर यूरिया उपलब्ध है। जबकि सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं होने से किसान खासे परेशान हैं। इसलिए वह प्राइवेट दुकानों से ही यूरिया खरीद रहे हैं। कृषि विभाग के अफसरों का मानना है कि इस समय यूरिया की फसलों के लिए अधिक जरूरत नहीं है। बावजूद इसके जनपद में यूरिया की कमी बताई जा रही है। इसलिए विभाग की ओर से रणनीति बनाई गई कि यह पता किया जाए कि कहीं यूरिया का स्टॉक तो नहीं किया जा रहा है। या फिर निर्धारित रेट से अधिक तो नहीं बेचा जा रहा है। इसके लिए विभाग ने जल्द ही अभियान चलाने की बात कही है। जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि यह अभियान जल्द चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जहां यूरिया की हो रही खपत का पता चलेगा तो साथ ही यूरिया के स्टाक होने का भी पता चल जाएगा। उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं से यूरिया निर्धारित रेट पर ही बेचने का आदेश दिया है। अन्यथा पकड़े जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।