फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चांदौक में बनाएं जाएंगे दो बिजलीघर

Sat, 27 Feb 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला, जहांगीराबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे बिजली आपूर्ति करने की मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री के निजी ऊर्जा सलाहकार ने अधिशासी अभियंताओं के साथ जहांगीराबाद डिवीजन के बिजलीघरों का निरीक्षण कर दिशा निर्देश जारी किए।

इस दौरान उन्हाने चांदौक स्थित 220 केवीए स्टेशन पर 40 एमवी क्षमता के दो नए बिजलीघरों का निर्माण कराने की बात कहीं हैं। साथ ही स्याना डिवीजन के दौलतपुर क्षेत्र के तीन बिजलीघरों को जहांगीराबाद से जोड़ने के लिए नई लाइन बिछाई जाएगी।

मुख्यमंत्री के ऊर्जा सलाहकार कृपाल सिंह अधिशासी अभियंता शनिवार दोपहर जहांगीराबाद डिवीजन पहुंचकर 132 व 220 क्षमता के बिजलीघरों का निरीक्षण किया।

इस दौरान 132 केवीए सब स्टेशन से जुड़े 12 बिजलीघरों में से चांदौक, जाड़ौल, मंडी, चरौरा, प्यानाकलां व करैथा को तत्काल प्रभाव से 220 क्षमता वाले चांदौक बिजलीघर से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन


वही, स्याना डिवीजन के दौलतपुर क्षेत्र के तीन बिजलीघरों को भी इससे जोड़ा जाएगा। ऊर्जा सलाहकार कृपाल सिंह ने कहा कि जल्द ग्रामीण क्षेत्रों को 16, तहसील क्षेत्रों को 18, जिला मुख्यालय पर 22 व कमिशभनर मुख्यालयों पर 24 घंटे की आपूर्त्ति सुनिश्चित करा दी जाएगी।

इसी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए वह प्रदेश का दौरा कर रहे है। इस योजना के तहत चांदौक बिजलीघरों पर, जहां 40 एमबी क्षमता के दो नए बिजलीघरों का निर्माण कराया जाएगा। वहीं, प्यानाकलां व करैथा बिजलीघरों का भी जल्द निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।

साहब! दी गई छूट डिस्कनेक्शन चार्ज के नाम हो रही वसूल

भले ही पॉवर कारपोरेशन ओटीएस योजना के तहत ग्रामीण उपभोक्ताओं को 100 फीसदी छूट देने का दावा कर रहा है। लेकिन इस दावे को विभाग के कर्मी डिस्कनेक्शन चार्ज के नाम पर वसूली कर पलीता लगा रहे है।

उपभोक्ताओं की शिकायत मिलने के बाद अधीक्षण अभियंता ने एक्सईएन को जांच के निर्देश दिए हैं। पावर कारपोरेशन ने ग्रामीण बकायेदारों के लिए ओटीएस योजना शुरू की है।

इसके तहत ग्रामीण बकायेदारों को 100 फीसदी की छूट दी जा रही है। बकाया चुका रहे उपभोक्ताओं से बिजली कर्मी वसूली कर रहे हैं। ट्यूबवेल बकायेदारों से 550 रुपये और ग्रामीण घरेलू उपभोक्ता से 300 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।

यह पैसा डिस्कनेक्शन फीस के नाम पर लिया जा रहा है। जबकि उपभोक्ता का कनेक्शन भी नहीं कटा है। वसूली किए गए पैसों का कर्मी रसीद भी नहीं दे रहे हैं। बड़ी संख्या में शिकायत आने के बाद अधीक्षण अभियंता ने सभी एक्सईएन को जांच करने के निर्देश दिए हैं।

जितने की माफी, उतनी हो रही वसूली
एक ट्यूबवेल उपभोक्ता का सालाना बिल करीब 7320 रुपये बैठता है। इस पर योजना के तहत उपभोक्ता को 594 रुपये की माफी मिल रही है।

लेकिन ट्यूबवेल उपभोक्ता से 550 रुपये डिस्कनेक्शन की फीस के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। इसके अलावा ग्रामीण घरेलू उपभोक्ता का दो माह का बिल 961 रुपये बैठता है।
विज्ञापन


यदि किसी पर चार या छह माह का बकाया है तो उससे 300 रुपये डिस्कनेक्शन फीस के नाम पर अवैध रूप से वसूले जा रहे हैं।

ग्रामीण उपभोक्ताओं से डिस्कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत काफी संख्या में मिली है। सभी खंड एक्सईएन को इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी जेई या कर्मचारी ने डिस्कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुशवाहा, अधीक्षण अभियंता
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें