भाजपा से नजदीकी के बाद विधान परिषद और राज्यसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ वोटिंग पर डिबाई विधायक श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित और शिकारपुर विधायक मुकेश पंडित को सपा से निष्कासित कर दिया गया है। अब विधायक बंधु सोमवार को भाजपा में जाने की घोषणा कर सकते हैं। ऐसा हुआ तो भाजपा की स्थानीय राजनीति में समीकरण बदल जाएंगे।
पिछले तीन दिनों से विधायक बंधु सपा के लिए सिरदर्द बने हुए थे। दोनों विधायक भाई सपा के कद्दावर नेताओं और मंत्रियों पर तमाम तरह के आरोप लगा रहे थे। पार्टी व्हिप के खिलाफ जाते हुए बीते दिन उन्होंने विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग की थी। पार्टी की फजीहत बढ़ती देख रविवार को पार्टी ने विधायक गुड्डू पंडित और मुकेश पंडित को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
पार्टी से निष्कासित होने के बाद विधायक बंधुओं ने अक्रामक रुख अपना लिया है। दोनों विधायक भाई सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा में शामिल होने का औपचारिक एलान कर सकते हैं। विधायक बंधु सोमवार को बड़े नेताओं की मौजूदगी में इसका ऐलान कर सकते हैं।
तीसरी बार पार्टी बदलेंगे गुड्डू पंडित
सपा से निवर्तमान विधायक श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित हर विधानसभा चुनाव में नया चोला ओढ़ते हैं। सपा सरकार में कद्दावर मंत्री रहे अमरमणि त्रिपाठी के खिलाफ मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में गवाही देने के बाद सुर्खियों में आए गुड्डू पंडित अब तीसरी बार पार्टी बदलेंगे।
वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर गुड्डू पंडित ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के गढ़ डिबाई में उनके बेटे राजू भैया को बुरी तरह पराजित किया। इसके बाद बसपा सुप्रीमो द्वारा गुड्डू पंडित को गिरफ्तार कराने और जेल भिजवाने के बाद वह सपा में शामिल हो गए।
सपा के टिकट पर दोबारा डिबाई से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने फिर से पूर्व सीएम के बेटे को हार का सामना कराया। इस बार गुड्डू पंडित फिर से नया चोला ओढ़कर विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।
बदलेगा चार विधानसभा सीटों पर समीकरण
विधायक बंधुओं की भाजपा में एंट्री हुई तो चार विधानसभा सीटों का समीकरण पूरी तरह गड़बड़ा जाएगी। यदि गुड्डू पंडित भाजपा में आते हैं तो उन्हें अपनी डिबाई सीट छोड़नी होगी। डिबाई सीट से पूर्व सीएम और कद्दावर भाजपा नेता कल्याण सिंह के पौत्र संजू भैया का दावा है।
इसके अलावा उनके भाई मुकेश पंडित को भी शिकारपुर विधानसभा सीट छोड़नी पड़ सकती है। इस सीट से पूर्व विधायक अनिल शर्मा की मजबूत दावेदारी है। बहरहाल दोनों विधायक भाइयों के पार्टी में आने से जिले के कद्दावर भाजपा नेता पसीना छोड़ते नजर आ रहे हैं।
सदर से अलीम को टक्कर दे सकते हैं गुड्डू
विधायक गुड्डू पंडित को भाजपा सदर सीट से अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती है। यदि वर्तमान परिस्थिति में देखा जाए तो बसपा विधायक हाजी अलीम को विधायक गुड्डू पंडित ही बेहतर टक्कर दे सकते हैं। भाजपा के पास सदर सीट से कोई मजबूत कैंडिडेट भी नहीं है। वहीं विधायक मुकेश पंडित को अलीगढ़ जनपद की किसी सीट से उतारे जाने की संभावना है।
भाजपा की बैठक में इलाहाबाद पहुंचे
सपा से बगावत के बाद विधायक बंधु भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए इलाहाबाद गए हैं। विधायक बंधुओं की दस्तक ने स्पष्ट कर दिया कि अगला ठिकाना भाजपा ही होगी। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद दोनों विधायक पार्टी में शामिल होने की घोषणा करेंगे।
हमेशा चर्चाओं में रहने वाले सपा के बागी विधायक गुड्डू पंडित सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बड़ा खुलासा कर सकते हैं। रविवार को अमर उजाला के साथ बातचीत में गुड्डू पंडित और उनके भाई मुकेश पंडित ने इसको लेकर इशारा भी कर दिया।