डीएम ने सोमवार को पांच परिषदीय स्कूलों में पहुंचकर शिक्षा की गुणवत्ता परखी। निरीक्षण के दौरान बच्चे हिंदी की किताब जोड़-घटाव के सवाल हल नहीं कर पाए। इतना ही नहीं एक शिक्षिका डीएम को गणित का सवाल समझाने में नाकाम रहीं। इससे खफा जिलाधिकारी ने बीएसए को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।
प्राथमिक विद्यालय कलौली में बच्चे परिसर में इधर-उधर घूमते मिले। कक्षा चार का छात्र मोनू घटाव का सवाल हल नहीं कर पाया। कक्षा पांच की छात्रा मुस्कान हिंदी की किताब नहीं पढ़ सकी। स्कूल में कुल पांच शिक्षिकों की तैनाती बताई गई। दो शिक्षिकाएं अवकाश पर थीं, बाकी तीन शिक्षक उपस्थित थे।
स्कूल में 164 बच्चे पंजीकृत हैं जिनमें 98 ही उपस्थित मिले। उच्च प्राथमिक विद्यालय कलौली में 83 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से 56 छात्र कक्षा में मौजूद पाए गए। शिक्षिता सलिता बच्चों को ग्राफ बनाकर गणित का सवाल समझा रही थीं। बच्चों की समझ में सवाल नहीं आया। डीएम भी शिक्षिका के फार्मूले को नहीं समझ पाई।
डीएम ने बच्चों के साथ बेंच पर बैठकर ग्राफ समझने का प्रयास किया। शिक्षिका के कंफ्यूज होने के कारण डीएम के समझ में ग्राफ नहीं आया। बाद में डीएम को ब्लैक बोर्ड के सामने आना पड़ा और उन्होंने ग्राफ को समझाया। इसके बाद डीएम प्राथमिक विद्यालय सहकारी नगर पहुंची।
शिक्षिका मंजू क्लास रूप में किताब पढ़ रही थी और एक छात्र ब्लैकबोर्ड पर कक्षा में पढ़ा रहा था। यहां कक्षा चार और पांच के बच्चे हिंदी की किताब नहीं पढ़ पाए। स्कूल में साफ सफाई नहीं थी। मिड-डे-मील पकवाने में दो छात्राए रसोइयों की मदद कर रहीं थी।