डेडीकेटिड फ्रेट कॉरीडोर के लिए नगर में अधिग्रहित की गई भूमि, दुकान और मकान के मालिकों को वर्ल्ड बैंक पुनर्वास नीति के तहत शिफ्टिंग चार्ज का भुगतान करेगा। अधिग्रहण की जद में आए परिवारों को कम से 14 हजार और अधिकतम 60 हजार रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी। ये रकम भूमि, मकान और दुकान के मुआवजे से अलग होगी।
डेडीकेटिड फ्रेट कारीडोर के लिए नगर में बरन, भूड़ और मऊखेड़ा में भूमि का अधिग्रहण किया गया। अधिग्रहण क्षेत्र में 257 दुकान और मकान भी हैं। बता दें कि प्रोजेक्ट के तहत बरन, भूड़ से गुजर रही पुरानी रेल लाइन के पास से दूसरी रेल लाइन बिछाई जाएगी। सामान्य से अधिक क्षमता वाली रेल लाइनों पर तेज रफ्तार मालगाड़ियां दौड़ेंगी।
भूमि अधिग्रहण कानून के हिसाब से अधिग्रहण की जद में आए लोगों का जमीन का मुआवजा तो मिलेगा ही भवन की वेल्यू भी दी जाएगी। भवन का मुआवजा वेल्यूएशन के बाद जारी होगा। मुआवजे के साथ लोगों को शिफ्टिंग जार्च के तौर पर कम से 14 हजार और अधिकतम 60 हजार रुपये दिया जाएगा।
विधवा महिलाओं को 30 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगी। जिन परिवारों के पास पशु हैं, उनको शिफ्ट करने के लिए भी 16 हजार रुपये अतिरिक्त दिए जाएगे। इसी क्रम में वर्ल्ड बैंक की ओर से सर्वे भी शुरू करा दिया गया है। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद शिफ्टिंग चार्ज वितरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मुआवजा जमीन और मलबे का दिया जाएगा। जिन लोगों के मकान का अधिग्रहण किया गया है, उनको दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए वर्ल्ड बैंक की ओर से शिफ्टिंग जार्च दिया जाएगा। कम से कम 14 हजार और अधिकतम 60 हजार का भुगतान वर्ल्ड बैंक करेगा। इस संबंध में सर्वे शुरू हो गया है। - अरविंद कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन