बैंक में बुधवार को भी कैश नहीं पहुंचा। ऐसे में अधिकांश बैंक शाखाओं में लेनदेन ठप रहा। करेंसी नहीं मिलने पर आम आदमी को मुसीबत झेलनी पड़ी। बाजार, अस्पताल, होटल और पेट्रोलपंपों पर लोगाें के बीच तू-तू मैं-मैं होती नजर आई। जिन इक्का-दुक्का बैंक और एटीएम पर करेंसी थी वहां लोगों की जबरदस्त भीड़ उमड़ी।
पीएनबी की अधिकांश शाखाओं में कैश नहीं पहुंचने से लेनदेन प्रभावित रहा। पीएनबी यमुनापुरम में जरूर सीमित ट्रांजक्शंस हुए। इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट बैंक और ओरियंटल बैंक की शाखाओं में पीएनबी जैसे ही हालात रहे। एचडीएफसी, आईडीबीआई और एक्सिस बैंक से भी लोगों को मायूस होना पड़ा।
कुल मिलाकर लोग दिनभर इधर से उधर भटकते रहे। मोतीबाग की एसबीआई शाखा ने जरूर लोगों को राहत दी। एसबीआई में तो करेंसी निकालने को लेकर बैंक स्टाफ, पुलिसकर्मी और आम लोगों के बीच कई बार सिर फुटव्वल की नौबत आई। इक्का दुक्का जिन एटीएम पर कैश था वहां लोगाें की लंबी कतार लग गई।
करेंसी नहीं मिली है। करेंसी उपलब्धता के संबंध में कोई ठोस आश्वासन भी नहीं मिला है। ऐसे में आने वाले दिनों में समस्या बढ़ सकती है।- सतपाल मेहता, एलडीएम, बुलंदशहर
225 बैंकों में कैश खत्म मची अफरा-तफरी
जिले की 256 बैंक शाखाओं में से 225 शाखाएं और 95 फीसदी एटीएम बुधवार को नोकैश हो गए। नोटबंदी के बाद सबसे ज्यादा परेशानी कैश निकालने को लेकर हो रही है। न तो बैंकों में पैसे हैं और न ही एटीएम में करेंसी है। एटीएम और बैंकों के बाहर लाइनें लगी हुई हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद लोगों को खाली हाथ जाना पड़ रहा है।
बुधवार को अधिकांश बैंकों में दोपहर तक कैश निपट गया। इन बैंकों के बाहर नो कैश के बोर्ड लगा दिए गए। इसके अलावा 95 फीसदी एटीएम भी दोपहर तक खाली हो गए। गिने-चुने एटीएम में पैसे थे तो वहां लंबी-लंबी लाइन लग गई। सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को हुई, जो सुबह से लाइन में लगे रहे और उन्हें कैश भी नहीं मिल सका।
पैसों की उम्मीद में घंटों लाइन में लगने के बाद लोग मायूस होकर वापस लौटे। कई जगह नोकझोंक की खबरें भी आईं। बैंकों के बाहर नोंकझोंक बढ़ते ही पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। लोगों को समझा-बुझाकर बैंकों से हटाया गया। करेंसी नहीं मिल पाने से अब लोग सरकार को कोसते हुए नजर आ रहे हैं।