जमानत मिलने के बाद मंगलवार को कोर्ट से बाहर निकलते आरोपी।
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लक्ष्मी अल्पावास गृह के निदेशक सचिन वर्मा के जेल जाने के बाद मंगलवार दोपहर तीन सहअभियुक्तों ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों समेत चार को जमानत दे दी।
करीब डेढ़ माह पूर्व गुलावठी के लक्ष्मी अल्पावास गृह से चार संवासनियां गायब हो गई थीं। वापस लौटी दो संवासनियों में से एक ने अल्पावास गृह के निदेशक सचिन वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे। संवासनी का आरोप था कि निदेशक अल्पावास गृह में ब्लू फिल्म दिखाकर अश्लील हरकत करता था।
विरोध करने पर मारता-पीटता था। संवासनी के आरोपों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सचिन को जेल भेज दिया। इस मामले में पुलिस ने सचिन की पत्नी, मां, पिता और संस्था के पदाधिकारियों को सहअभियुक्त बनाया था।
वहीं पुलिस का दबाव बढ़ता देख मंगलवार को सचिन की पत्नी प्राची वर्मा, मां हेमा वर्मा और पिता नरेश वर्मा ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए तीनों सहअभियुक्तों समेत चारों को जमानत पर रिहा कर दिया।
आरोपियों के अधिवक्ता अनित शर्मा ने बताया कि तीन सहअभियुक्तों ने कोर्ट में सरेंडर किया था। सीजेएम ने चारों आरोपियों को 40-40 हजार रुपये के निजी बंध पत्र पर जमानत दे दी है।